पूर्व उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने शुक्रवार को कहा कि वह ड्यूटी को दूसरी चीजों से ऊपर रखते हैं, और उनका 'हाल का अतीत' इसका सबूत है। चार महीने पहले स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए अपने पद से इस्तीफा देने वाले धनखड़ ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के वरिष्ठ पदाधिकारी मनमोहन वैद्य की पुस्तक का विमोचन के मौके पर पहली बार सार्वजनिक संबोधन दिया।
दिल्ली के लिए पकड़ना था विमान
भाषण के दौरान एक व्यक्ति यह याद दिलाने के लिए उनके पास आया कि उन्हें शाम 7:30 बजे दिल्ली वापस जाने के लिए उड़ान में सवार होना है। पूर्व उपराष्ट्रपति ने इसके बाद उपस्थित लोगों को बताया कि उन्हें एक उड़ान में सवार होना है।
धनखड़ की बात सुनकर हंसने लगे लोग
उन्होंने कहा, 'मैं विमान में सवार होने के लिए अपनी ड्यूटी नहीं छोड़ सकता, और दोस्तों, मेरा हाल का अतीत इसका सबूत है।' इस बात पर कार्यक्रम में मौजूद लोगों की हंसी छूट गई।
RSS की सोच और दृष्टिकोण की धनखड़ ने की तारीफ
कार्यक्रम में धनखड़ ने आरएसएस की सोच और दृष्टिकोण की तारीफ की। धनखड़ ने कहा कि यह किताब उस प्रचार को गलत साबित करती है जिसमें संघ को एक अति दक्षिणपंथी संगठन के तौर पर दिखाया जाता है। उन्होंने कहा कि यहां तक कि इसे महात्मा गांधी की हत्या से जोड़ने की कोशिश की जाती है, हालांकि यह एक बेबुनियाद आरोप है। (भाषा के इनपुट के साथ)