भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में पुलिस की पिटाई से हुई युवक की मौत मामले में सीएम मोहन यादव ने बड़ा एक्शन लिया है। सीएम मोहन यादव के निर्देश पर दो पुलिसकर्मियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज हुआ है। सीएम मोहन यादव ने सख्त एक्शन लेते हुए कहा, "कानून सबके लिए बराबर है। अपराध करने वाला कोई भी हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।"
क्या है मामला?
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में गुरुवार रात इंद्रपुरी में अपने दोस्तों के साथ पार्टी करते युवक की पुलिसकर्मियों द्वारा लाठी से पिटाई करने का सीसीटीवी विजुअल सामने आया था। मामले को लेकर कांग्रेस ने मोहन यादव सरकार पर तीख़ा हमला किया था, जिसके बाद मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के निर्देश के बाद आज दोषी दोनों पुलिसकर्मियों संतोष बवमानिया और सौरव आर्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 115(2), 103 (1),3 (5) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
दरअसल गुरुवार रात को भोपाल के बैंक कॉलोनी बाग दिलकुशा निवासी 22 साल का उदित गायकी जो पेशे से इंजीनियर था, अपने मित्रों के साथ पार्टी कर रहा था। इस दौरान तैनात आरक्षक संतोष बामनिया और आरक्षक सौरभ आर्य ने बहस के बाद उदित के कपड़े उतारे और फिर डंडे से पिटाई की। डंडे से पिटाई के चलते पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक उसकी पेनक्रियाज डैमेज हो गई, साथही ट्रॉमा अटैक के चलते उसकी मृत्यु हुई।
पुलिस में दर्ज एफआईआर के मुताबिक, मृतक और उसके दोस्त नशे में थे। उदित ने नशे में पुलिसकर्मी से कहा तेरी वर्दी उतरवा दूंगा, तू जानता नहीं मैं कौन हूं। इसके बाद वह बदतमीजी करने लगा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने लड़के को शांत करने के लिये हल्का बल का प्रयोग उसके पैरों पर किया, जिससे वह पुलिस कार्रवाई पर कोई व्यवधान पैदा ना कर सके। उसके शरीर में हलचल न हो जाने के बाद उसे एम्स अस्पताल लेकर पहुंचे तो वहां डांक्टर द्वारा उदित को मृत घोषित कर दिया।
पुलिस ने जांच में इंद्रपुरी अमन सरिया के पास लगे सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन किया, जिसमें घटना के दौरान कि कुछ घटनाएं रिकार्ड हुई हैं। इनमें पुलिसकर्मी और उदित दौड़ते हुए दिख रहा है। एक जगह पर उदित को पुलिसकर्मी सौरभ डंडे से पैर में मारते हुए दिख रहा है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में क्या सामने आया?
पोस्टमार्टम रिपोर्ट के मुताबिक, मौत का कारण शरीर पर लगी जोरदार चोट से पेट के अंदर पैनक्रियाज में भारी सूजन और खून बहना है। शरीर पर मारपीट के दौरान लगी कई चोटों के निशान हैं, जो मारने से पहले (जिंदा रहते हुए) लगे थे।