मध्य प्रदेश के सीएम डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री जन-विश्वास अभियान के तहत बड़वानी में आयोजित समाधान कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त रुख अपनाया। सीएम हेल्पलाइन पर दर्ज शिकायतों की स्थिति की समीक्षा करते हुए मुख्यमंत्री ने शिकायत निवारण में देरी और कमियों पर नाराजगी व्यक्त की। बड़वानी कलेक्टर कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान मोहन यादव ने निवासियों की शिकायतें सुनीं और की गई कार्रवाई पर अधिकारियों से विस्तृत जानकारी मांगी। लापरवाही पाए जाने पर उन्होंने 7 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित कर दिया। मध्य प्रदेश सरकार ने राज्य भर में 7 अगस्त से 'जन-विश्वास अभियान' शुरू किया था।
7 अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित करने का निर्देश
कई मामलों में लापरवाही पाए जाने पर मोहन यादव ने एक डिप्टी कलेक्टर, दो पटवारियों, दो मुख्य नगर पालिका अधिकारी, एक सहायक यंत्री और एक जनपद पंचायत सीईओ समेत सात अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित करने के आदेश दिए। नगरीय प्रशासन के एक संयुक्त संचालक को कारण बताओ नोटिस भी जारी किया गया।
डिप्टी कलेक्टर को निलंबित किया
आशा परमार, जो अनियमितताओं के समय तहसीलदार के रूप में कार्यरत थीं और वर्तमान में धार में डिप्टी कलेक्टर के रूप में तैनात हैं। उनको निलंबित करने का आदेश दिया गया था। यह कार्रवाई प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत पंजीकरण और धन के वितरण में लापरवाही और अनावश्यक देरी से संबंधित है। मामले में संलिप्तता के लिए पटवारी मांगीलाल नरगावे और ललित बोरसे को भी निलंबित करने का आदेश दिया गया था।
शिकायतों के निराकरण में लापरवाही पड़ी भारी
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) से जुड़े मामलों में लापरवाही बरतने पर मुख्य नगरपालिका अधिकारियों - मायाराम सोलंकी और जगदीश धनगर के खिलाफ कार्रवाई का आदेश दिया। राजपुर के असिस्टेंट इंजीनियर राजू डावर को भी सस्पेंड करने का आदेश दिया गया। शहरी प्रशासन के मामलों की देखरेख और उन पर आगे की कार्रवाई में लापरवाही के लिए इंदौर में शहरी प्रशासन के संयुक्त निदेशक एस.के. सिन्हा को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया।
CM ने दिखाई सख्ती
एक अन्य मामले में जनपद पंचायत पानसेमल के पूर्व CEO और वर्तमान में मुरैना में जिला समन्वयक सौरभ सिंह राठौर को संबल योजना के तहत अंतिम संस्कार और अनुग्रह सहायता देने में देरी के लिए सस्पेंड करने का आदेश दिया गया। इस कार्रवाई से प्रशासनिक तंत्र में हलचल मच गई है और यह सरकार के जवाबदेही सुनिश्चित करने और जनता की शिकायतों का समय पर समाधान करने के संकल्प को दर्शाता है।
(इनपुट- ओवेश अहमद शेख)
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