1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. MP में बड़ा फर्जीवाड़ा, बांग्लादेशी नागरिकों के बनवाए भारतीय पासपोर्ट, STF ने खोला राज

MP में बड़ा फर्जीवाड़ा, बांग्लादेशी नागरिकों के बनवाए भारतीय पासपोर्ट, STF ने खोला राज

ग्वालियर में STF ने फर्जी दस्तावेजों से बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट बनवाने वाले गिरोह का खुलासा किया। 20 पासपोर्ट डबरा के पते पर बने, करीब 70 पासपोर्ट जांच में हैं और दो आरोपी गिरफ्तार हुए।

STF- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT राहुल लोडा (DIG STF)

मध्य प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था और पासपोर्ट जारी करने की प्रक्रिया से जुड़ा एक गंभीर मामला सामने आया है। राज्य पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर विदेशी नागरिकों को भारतीय पहचान दिलाने और उनके नाम पर पासपोर्ट बनवाने का काम कर रहा था। शुरुआती जांच में ग्वालियर जिले की डबरा तहसील से जुड़े एक पते का इस्तेमाल कर 20 बांग्लादेशी नागरिकों के भारतीय पासपोर्ट तैयार किए जाने की जानकारी सामने आई है।

आधार से लेकर 10वीं की मार्कशीट तक तैयार किए फर्जी कागजात

जांच एजेंसी के मुताबिक इन विदेशी नागरिकों को दस्तावेजों में भारतीय नागरिक साबित करने के लिए कई तरह के कूटरचित दस्तावेज तैयार किए गए। इनमें आधार कार्ड, वोटर आईडी, निवास प्रमाण पत्र और 10वीं कक्षा की अंकसूची जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। इन दस्तावेजों के आधार पर भारतीय पहचान स्थापित करने के बाद पासपोर्ट बनवाए गए। STF की पड़ताल जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, मामले का दायरा भी बड़ा होता दिखाई दे रहा है।

करीब 70 पासपोर्ट जांच के घेरे में

प्रारंभिक जांच में अलग-अलग पतों से तैयार किए गए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर करीब 70 पासपोर्ट बनवाए जाने की जानकारी STF को मिली है। इनमें से 20 पासपोर्ट विशेष रूप से उन बांग्लादेशी नागरिकों के बताए जा रहे हैं, जिनके दस्तावेजों में डबरा स्थित बौद्ध विहार का पता दर्ज था। इन सभी पासपोर्ट में गवाह के तौर पर रियाल चौधरी का नाम सामने आया है। STF अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि इन दस्तावेजों को तैयार करने से लेकर पासपोर्ट प्रक्रिया पूरी कराने तक कौन-कौन लोग सक्रिय रूप से शामिल थे।

पांच साल पुराने पासपोर्ट भी जांच के दायरे में

जांच अधिकारियों के अनुसार इन 20 पासपोर्ट को लगभग पांच वर्ष पहले तैयार कराया गया था। इनके अलावा 44 अन्य पासपोर्ट भी अब जांच के दायरे में आ गए हैं। एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि इन पासपोर्ट के जरिए कितने लोगों ने भारतीय पहचान हासिल की और इस पूरे नेटवर्क का संचालन किस स्तर से किया जा रहा था। मामले में सामने आ रहे दस्तावेजों और रिकॉर्ड के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।

दो आरोपी गिरफ्तार, बाकी की तलाश जारी

STF ने इस मामले में अब तक दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के जरिए गिरोह के अन्य सदस्यों और उनकी भूमिका के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि फर्जी पहचान तैयार करने में स्थानीय स्तर पर किन लोगों ने मदद की। साथ ही पासपोर्ट जारी कराने की प्रक्रिया में किसी तरह की मिलीभगत या लापरवाही हुई थी या नहीं, इसका भी पता लगाया जा रहा है।

अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से कनेक्शन की भी जांच

मामले की गंभीरता को देखते हुए STF अब संभावित अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क के एंगल से भी जांच कर रही है। जांच एजेंसी यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि बांग्लादेशी नागरिकों को भारतीय दस्तावेज उपलब्ध कराने और पासपोर्ट बनवाने के पीछे कोई बड़ा नेटवर्क सक्रिय है या नहीं। STF के उप पुलिस महानिरीक्षक राहुल लोढ़ा के नेतृत्व में सामने आए तथ्यों की पड़ताल की जा रही है। आने वाले दिनों में पूछताछ और दस्तावेजों की जांच के आधार पर इस मामले में और गिरफ्तारियां होने की संभावना है।

रिपोर्ट - भूपेन्द्र भदौरिया

ये भी पढ़ें:  सिंगर निसार वायनाड का निधन, 44 की उम्र में दुबई में गई जान, सामने आई मौत की गंभीर वजह, उदित नारायण से मिलती थी आवाज