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कंपनी की लापरवाही पर भड़का युवक, ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचा जनसुनवाई, मांगा न्याय

एक युवक ने न्याय की मांग करते हुए, एक कंपनी की लापरवाही के विरोध में ऑक्सीजन सिलेंडर के साथ जन-सुनवाई में हिस्सा लिया।

MP News- India TV Hindi
Image Source : STRINGER INPUT ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पहुंचा जनसुनवाई

अधिकारियों की कथित लापरवाही के विरोध में एक युवक ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर पुलिस की जनसुनवाई में पहुंचा और न्याय की मांग की। उसने अधिकारियों से अपने पिता के मामले में FIR दर्ज करने की अपील की। ​​उसके पिता 'मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी प्राइवेट लिमिटेड' के कर्मचारी हैं और ड्यूटी के दौरान बिजली के एक हादसे में गंभीर रूप से घायल हो गए थे। हिमांशु शर्मा ने SSP धर्मवीर सिंह यादव को बताया कि उनके पिता हरिओम शर्मा, ड्यूटी के दौरान बिजली के हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद पिछले चार महीनों से घर पर ऑक्सीजन सिलेंडर के सहारे जीवित हैं।

पुलिस के शिकायत न दर्ज करने पर गुस्साया युवक

खबर के अनुसार चार महीने बीत जाने के बाद भी पुलिस ने कथित तौर पर उन अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया, जिनकी लापरवाही के कारण यह घटना हुई थी। हिमांशु के अनुसार यह हादसा 28 अप्रैल 2026 को हजीरा पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में लाइन नंबर 1 के पास हुआ था। उसने आरोप लगाया कि बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों की लापरवाही के कारण उसके पिता बिजली के एक गंभीर हादसे का शिकार हुए। हरिओम की हालत गंभीर हो गई थी, लेकिन विभाग ने कथित तौर पर इस घटना की जिम्मेदारी लेने से इनकार कर दिया।

युवक ने की न्याय की मांग

न्याय की मांग करते हुए, हिमांशु ने STM की डिप्टी जनरल मैनेजर प्रीति बरैया, बिड़ला नगर जोन के मैनेजर रोहित सिंह, STM के असिस्टेंट मैनेजर अजय नामदेव, STC के असिस्टेंट मैनेजर शशांक कुलश्रेष्ठ और सब-स्टेशन ऑपरेटर मोहसिन बेग के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 304 के तहत कानूनी कार्रवाई की मांग की।

जनसुनवाई में ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर युवक

हिमांशु ने कहा कि वह अपने पिता की गंभीर हालत और परिवार की परेशानी को दिखाने के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर लेकर आए थे। उन्होंने पुलिस को चेतावनी दी कि अगर FIR दर्ज नहीं की गई और न्याय नहीं मिला तो वह अगली जन-सुनवाई में अपने पिता को एम्बुलेंस में लेकर आएंगे। पुलिस ने हिमांशु को भरोसा दिलाया कि आरोपों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। परिवार अब जांच के नतीजे और औपचारिक मामला दर्ज होने का इंतजार कर रहा है।

(इनपुट - भूपेन्द्र भदौरिया)

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