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वन्यजीव संरक्षण की दिशा में MP सरकार का कदम, CM मोहन यादव ने जंगली भैंसे को बड़े बाड़े में छोड़ा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने जंगली भैंसा को कान्हा जंगल के छोटा बाड़े से बड़ा बाडा में छोड़ा। उन्होंने कहा, 'हमारी सरकार एक-एक कर वन्य प्राणियों का इको सिस्टम बनाने का कार्य कर रही है।'

CM मोहन यादव ने जंगली भैंसे को बड़े बाड़े में छोड़ा- India TV Hindi
Image Source : STRINGER INPUT CM मोहन यादव ने जंगली भैंसे को बड़े बाड़े में छोड़ा

मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने आज कान्हा जंगल में जंगली भैंसा को छोड़ने का कार्य किया, जिसमें 6 मादा और 2 नर भैंसा है। ये वो जंगली भैंसा है जिन्हें पूर्व में मुख्यमंत्री द्वारा छोटे बेड़े में छोड़ा गया था। अब इन्हें बड़े बेड़े में भेजा गया है। जानकारी के अनुसार पहले लगभग 1 हेक्टेयर में ये सभी को पिछले 4 महीने से विशेष निगरानी (क्वारंटाइन) में रखा गया था। अब इसे बड़े बाड़ा में लगभग 17 हेक्टेयर में छोड़ा गया है। अब ताजा जानकारी के अनुसार CM मोहन यादव बालाघाट के गढ़ी सुपखार पहुंचे थे। सुपखार में मुख्यमंत्री द्वारा पुनर्स्थापन अभियान के तहत जंगली भैंसा को छोड़ा गया।

वन्यजीव संरक्षण की दिशा में CM मोहन यादव का कदम

लगभग 100 साल बाद प्रदेश में जंगली भैंसा की वापसी हुई है, जिन्हें पूर्व में असम से मंगाया गया है। कान्हा की शान बारहसिंगा, शेर की पहले से मौजूदगी है। अब वन्य प्राणी जंगली भैंसा का कुनबा भी यहां जुड़ गया है। इस संबंध में मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने बात करते हुए, कहा कि प्रदेश के लिए यह महत्त्व की बात है कि 100 साल बाद जंगली भैंसो की पुनर बसाहट की गई है । पुनर बसाहट का यह दूसरा चरण है। लगभग 2200 किमी दूर आसाम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा के सहयोग से इसे लाया गया और पुनर्बसाहट का कार्य किया गया था। कान्हा के सूपखार प्रथम चरण में 28 अप्रैल को 4 और 9 मई को 4 इस तरह कुल 8 जंगली भैंसो को छोटे बेड़े में पुनर्स्थापन अभियान के तहत बसाया गया था। अब उसे बड़े बाड़े में विस्थापन किया गया है।

मोहन यादव ने वन्य प्राणियों पर की बात

CM मोहन यादव ने कहा कि हमने अभी हाल ही में 7 अक्टूबर को नैरोदेही को रानी दुर्गावती के नाम पर नया टाइगर रिजर्व बना है। वहां चितो का तीसरा बसेरा किया है। हमारी सरकार एक-एक कर वन्य प्राणियों का इको सिस्टम बनाने का कार्य कर रही है। हमारा प्रयास है कि जो लुप्त वन प्राणी है उन सभी को एक एक कर बसाएंगे। बालाघाट यह टाइगर रिजर्व है, जो देश दुनिया में प्रसिद्ध है। यह हम सभी के लिए बड़ी प्रसन्नता की बात है। 

नक्सल मुक्त हुआ बालाघाट

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश ने लंबी छलांग लगाई है। बालाघाट को नक्सल मुक्त किया है। यहां पर विकास के नए पैमाने तय कर रहे हैं। जंगल के लुप्त वन प्राणी को भी बसा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह यह बताना चाहते हैं कि मैं 5 महीने में 4 बार आया हूं। यहां जो लाल सलाम था उसे हमेशा के लिए सलाम किया है और विकास की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं।

(स्ट्रिंगर- शौकत बिसाने)

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