मध्यप्रदेश के कई जिले भारी बारिश का प्रकोप झेल रहे हैं। सतना और रीवा जैसे जिलों में तो कई दिनों से लगातार बारिश जारी है, जिसके चलते शहरों में बाढ़ जैसे हालात हो गए हैं। सतना के कई इलाके पूरी तरह पानी में डूब चुके हैं, जिसके चलते एनडीआरएफ की टीम प्रभावित इलाकों में राहत-बचाव कार्य के जरिए लोगों को बाहर निकाल रही है। भारी बारिश के चलते मंदाकिनी और सेमरावल सहित कई नदियों का जलस्तर बढ़ चुका है, जिसके चलते खतरा बढ़ता जा रहा है। लगातार बारिश के चलते सतना के आधे से ज्यादा मोहल्ले बाढ़ की चपेट में आ चुके हैं और शहर से दूर धारकुंडी आश्रम परिसर में भी पानी भर चुका है।
सतना में लोगों को सुरक्षित निकलने के प्रयास
सतना में जारी राहत-बचाव कार्य के कई वीडियो सामने आए हैं। वहीं स्थानीय लोग भी इसमें अहम भूमिका निभा रहे हैं। लोगों को रस्सियों के सहारे सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया जा रहा है और बाढ़ की स्थिति झेल रहे घरों को खाली कराया जा रहा है। जिले में जारी लगातार बारिश ने हालात इतने खराब कर दिए हैं कि जलभराव के चलते कई इलाके खाली कर दिए गए हैं। पहाड़ियों, जल धाराओं और गुफाओं के बीच स्थित तपोभूमि धारकुंडी का भी वीडियो सामने आया है, जिसके ऊपर से बहती धाराओं से साफ होता है कि हालात कितने खराब हैं।
उफान पर मंदाकिनी नदी
लगातार जारी बारिश के चलते मंदाकिनी नदी रौद्र रूप ले चुकी है और चित्रकूट के आरोग्यधाम के पास मंदाकिनी का जलस्तर 137 मीटर से भी ऊपर दर्ज किया गया है। सतना में भी जलभराव के चलते कई रास्तों पर आवागमन बंद कर दिया गया है। सेमरावल नदी में जलस्तर बढ़ने के चलते 40 गावों में अलर्ट जारी कर दिया गया है। टमस नदी पर बने जलाशय के गेट खुलने से नदियों का जलस्तर और भी ज्यादा बढ़ गया है।
सुरक्षित स्थानों पर ठहरने की व्यवस्था
जिले में जलभराव के चलते आमजन की परेशानी बढ़ गई है। जलस्तर बढ़ने के चलते लोगों को घर से निकालकर सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार, विंध्य क्षेत्र में फिलहाल बारिश से राहत की संभावना नहीं है। रीवा संभाग में पिछले एक हफ्ते से बारिश जारी है, जिसके चलते सतना, सीधी, सिंगरौली और मऊगंज जिले की सभी नदियों का जलस्तर बढ़ा हुए है। सबसे खराब हालात सतना में हैं, जहां बारिश के चलते हालात बेकाबू हो गए हैं। कई गांव में बाढ जैसे हालात हैं।
(सतना से अमित त्रिपाठी की रिपोर्ट)
ये भी पढ़ेंः सतना में भारी बारिश से बाढ़ का खतरा, प्रशासन की चेतावनी दरकिनार, उफनती नदी में लड़कों ने लगाई छलांग