मध्य प्रदेश के शाजापुर जिले में काले हिरणों की बढ़ती संख्या जहां प्राकृतिक सुंदरता बढ़ा रही है। वहीं, किसानों की फसलों को नुकसान भी पहुंचा रही है। किसानों की शिकायतों के बाद प्रदेश सरकार ने हिरणों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव बुधवार सुबह रंथभंवर गांव पहुंचे और रेस्क्यू ऑपरेशन का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री मोहन यादव के मुताबिक, अब तक जिले से 1236 काले हिरणों को पकड़कर सुरक्षित स्थानों पर भेजा जा चुका है।
सीएम ने जंगल में जाकर करीब से देखा रेस्क्यू ऑपरेशन
शाजापुर जिले के खेतों में काले हिरणों की मौजूदगी किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। लगातार मिल रही शिकायतों के बाद सरकार ने इन्हें सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पहल की है। इसी क्रम में पिछले कुछ दिनों से जिले में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे मुख्यमंत्री मोहन यादव रंथभंवर गांव पहुंचे और जंगल में जाकर रेस्क्यू की प्रक्रिया को करीब से देखा।
काले हिरणों को कूनो नेशनल पार्क सहित कई जगहों पर भेजा गया
मुख्यमंत्री मोहन यादव के अनुसार, अब तक 1236 काले हिरणों यानी कृष्णमृगों को रेस्क्यू कर कूनो नेशनल पार्क, गांधी सागर क्षेत्र और रानी दुर्गावती नेशनल पार्क सहित निर्धारित स्थानों पर भेजा गया है। इस अभियान में दक्षिण अफ्रीका की विशेषज्ञ टीम की मदद ली जा रही है।
रेस्क्यू ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर का हुआ इस्तेमाल
टीम हेलीकॉप्टर और गोमा पद्धति से हिरणों को निर्धारित स्थान पर लाकर विशेष टेंटनुमा व्यवस्था के जरिए पकड़ती है। इसके बाद उन्हें सुरक्षित तरीके से ट्रकों में पहुंचाकर निर्धारित स्थलों पर भेजा जाता है। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान वन विभाग, पशु चिकित्सा विशेषज्ञ, पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारी-कर्मचारी तैनात रहे। मुख्यमंत्री ने ऑपरेशन का निरीक्षण करते हुए सामने आई कमियों को दूर करने के निर्देश भी दिए।
प्रदेशभर में चलाए जाएंगे इस तरह के अभियान
सीएम मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश में इस तरह के अभियान चलाए जाएंगे, ताकि किसानों की फसलों को होने वाले नुकसान को कम किया जा सके और वन्यजीवों को भी सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जा सके। शाजापुर में चल रहा यह रेस्क्यू ऑपरेशन किसानों को फसल नुकसान से राहत दिलाने और कृष्णमृगों को सुरक्षित प्राकृतिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
विनोद जोशी की रिपोर्ट
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