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सीधी जिला अस्पताल में 25 वर्षीय युवक की मौत, परिजन बोले- 'फटी पाइप से ऑक्सीजन दिया, गलत इंजेक्शन से मौत हुई'

25 वर्षीय युवक की मौत के बाद परिजनों ने सड़क पर शव रखकर प्रदर्शन किया। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर घोर लापरवाही के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि फटी ऑक्सीजन पाइप और गलत इंजेक्शन मौत का कारण बना।

Sidhi hospital death- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT सीधी अस्पताल में युवक की मौत

सीधी जिला अस्पताल प्रशासन पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगे हैं। यहां एक युवक की मौत के बाद परिजनों ने कहा कि उसका ऑक्सीजन पाइप फटा हुआ था और नर्सों ने गलत इंजेक्शन लगा दिया। इसी वजह से उसकी मौत हो गई। मुतक की पहचान 25 वर्षीय अजय साकेत के रूप में हुई है। वह तीन दिन से बुखार से पीड़ित था और शुक्रवार रात अपनी बाइक चलाकर खुद ही अस्पताल पहुंचा था। 

अजय को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कर लिया गया, लेकिन मात्र पांच घंटे के भीतर ही उसकी मौत हो गई। आरोप है कि रात के समय न तो ड्यूटी पर डॉक्टर मौजूद थे और न ही ऑक्सीजन पाइप सही हालत में थी।

शिवसेना कार्यकर्ता थे अजय

ग्राम मुठिगमा निवासी अजय साकेत शिवसेना पार्टी के सक्रिय कार्यकर्ता थे। दो दिन पहले ही बंजारी अस्पताल में उनकी पत्नी ने बच्चे को जन्म दिया था। घर में खुशियों का माहौल था, लेकिन कुछ ही घंटों में वही घर मातम में बदल गया। अजय अपने दो छोटे बच्चों (एक दो वर्षीय बेटे और नवजात शिशु) को पीछे छोड़ गए। 

अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप

परिजनों ने जिला अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर आरोप लगाए हैं। मृतक के भाई दीपक साकेत ने बताया कि अजय खुद चलकर डॉक्टर से मिला था। डॉक्टर अमित सिंह ने सिर्फ दवाएं लिखी और चले गए। इंजेक्शन नर्सों ने लगाया और तभी उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। नर्सों ने जल्दबाजी में फटी ऑक्सीजन पाइप लगाई, जिससे हवा तो चलती रही, लेकिन ऑक्सीजन शरीर तक नहीं पहुंच पाई। कुछ ही देर में अजय की सांसें थम गईं।

शव रखकर किया प्रदर्शन

परिजनों ने जब इसकी शिकायत की तो अस्पताल प्रशासन ने कोई जवाब नहीं दिया। गुस्से में परिजनों ने शव को अस्पताल के मार्चूरी कक्ष के सामने मुख्य सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। इस दौरान शिवसेना कार्यकर्ता और आम नागरिक भी मौके पर पहुंच गए और अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

शिवसेना ने उग्र आंदोलन की चेतावनी दी

शिवसेना के प्रदेश उपाध्यक्ष विवेक पांडे ने इस घटना को जिला अस्पताल की निष्ठुरता का जिंदा सबूत बताया। उन्होंने कहा, “एक जिम्मेदार डॉक्टर की अनुपस्थिति, फटी ऑक्सीजन पाइप और गलत इंजेक्शन ने एक परिवार को उजाड़ दिया। यदि दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो शिवसेना सड़कों पर उतरकर उग्र आंदोलन करेगी।”

सीएमएचओ बोलीं- जांच कर रहे

सीएमएचओ डॉ. बबीता खरे से इस बारे में बात की गई, तो उन्होंने कहा कि "मामले की जांच की जा रही है", लेकिन डॉक्टर की अनुपस्थिति या ऑक्सीजन पाइप की खराबी पर कोई जवाब नहीं दिया।

(सीधी से मनोज शुक्ला की रिपोर्ट)