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मध्य प्रदेश के CM मोहन यादव के पैतृक निवास को तोड़ने का काम हुआ शुरू, मुख्यमंत्री ने खुद चलाई पहली कुदाली

एमपी के सीएम मोहन यादव और उनकी बहन के मकान को आज तोड़ा जाएगा क्योंकि वह सड़क चौड़ीकरण के प्लान के बीच में आ गया है।

Mohan Yadav- India TV Hindi
Image Source : ANI एमपी के सीएम मोहन यादव

उज्जैन: एमपी के CM मोहन यादव और उनकी बहन का मकान सड़क चौड़ीकरण की जद में आ गया है, इसलिए आज उस पर हथौड़ा चल रहा है। दरअसल उज्जैन में सिंहस्थ 2028 की तैयारियों के तहत सड़कें चौड़ी की जा रही हैं। शहर के अब्दालपुरा में भी कार्रवाई चल रही है। इसकी जद में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव का पैतृक और उनकी बहन कलावती यादव का मकान भी आ गया है।

सीएम मोहन ने घर तोड़ने के लिए चलाई पहली कुदाली 

CM मोहन यादव के पैतृक निवास को तोड़ने का काम शुरू हो चुका है। सीएम मोहन ने सिंहस्थ 2028 के चलते होने वाले सड़क चौड़ीकरण अभियान में अपने घर को तोड़ने की शुरुआत खुद की है। सीएम मोहन ने घर से भूमि पूजन कर कुदाली चलाई है। सीएम के जाते ही नगर निगम के अधिकारियों ने सड़क से लगा 10 मी का हिस्सा तोड़ना शुरू कर दिया है।

कितना तोड़ा जाएगा मकान?

सड़क चौड़ीकरण के लिए सीएम मोहन यादव के पैतृक मकान का 2.90 मीटर हिस्सा तोड़ा जाएगा। पड़ोसियों ने इस मुहिम का स्वागत किया है और कहा है कि विकास के लिए करना पड़ता है। इसी घर से मोहन यादव के राजनीतिक कैरियर की शुरुआत हुई थी और वह वहां रहते हुए कॉलेज के अध्यक्ष बने। उनके घर के सामने मौजूद मनकामेश्वर महादेव मंदिर को भी 20 फीट से ज्यादा तोड़ा जाएगा।

वहीं उज्जैन नगर निगम की सभापति कलावती का भी इसी इलाके में मौजूद 3.8 मीटर हिस्सा आज तोड़ा जाएगा। मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के दादा रामचंद्र यादव ने वर्ष 1974 में यह मकान बनवाया था। इसी मकान में मोहन यादव का बचपन बीता। 

खजूर वाली मस्जिद से गणेश चौक तक इस सड़क का चौड़ीकरण होना है जो सिंहस्थ 2028 में आने वाली भीड़ के मद्देनज़र किया जा रहा है। मोहन यादव के मोहल्ले के करीब 270 मकान चौड़ीकरण की जद में आ रहे हैं।

हाल ही में भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट भी तैयार हुआ

हाल ही में सीएम मोहन यादव उस वक्त चर्चा में आए थे जब उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा था कि गणेश अनंत चतुर्दशी के पावन अवसर पर लंबे अंतराल के बाद भोपाल विकास योजना-2047 के प्रारूप का प्रकाशन किया गया है। यह योजना भोपाल की प्राकृतिक धरोहर-भोजताल, वन क्षेत्रों एवं बाघ भ्रमण क्षेत्र- के संरक्षण के साथ नागरिकों को बेहतर सुविधाएं, सुगम मोबिलिटी और आर्थिक विकास के अवसर उपलब्ध कराने की दृष्टि से तैयार की गई है।  योजना में हरित TDR का प्रावधान किया गया है, जिससे हरित क्षेत्र में आने वाली भूमि के स्वामियों की क्षतिपूर्ति के साथ विकासकर्ताओं को TDR के माध्यम से अतिरिक्त विकास की सुविधा मिल सकेगी। समृद्ध, सुगम और विकसित भोपाल के संकल्प की दिशा में यह एक महत्वपूर्ण पहल है। प्रकाशित प्रारूप पर नागरिक अपने आपत्ति एवं सुझाव प्रस्तुत कर सकते हैं।'

यानी प्रशासन ने भोपाल के नए मास्टर प्लान का ड्राफ्ट तैयार कर लिया है। अब इस ड्राफ्ट पर सरकार दावे-आपत्तियां आमंत्रित करेगी।

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