1. Hindi News
  2. मध्य-प्रदेश
  3. कलेक्टर के निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, CHO नहीं ले पाईं महिला मरीज का BP, योग्यता पर उठे सवाल

कलेक्टर के निरीक्षण में खुली स्वास्थ्य व्यवस्था की पोल, CHO नहीं ले पाईं महिला मरीज का BP, योग्यता पर उठे सवाल

टीकमगढ़ के सापौन में स्वाथ्य केंद्र में औचक निरीक्षण के दौरान कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने सीएचओ रितु अहिरवार से एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर लेने को कहा और वह मरीज का बीपी भी सही तरीके से नहीं ले पाईं, जिसके बाद खुद कलेक्टर ने उन्हें बीपी लेने की प्रक्रिया के बारे में बताया।

mp news- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV महिला मरीज का बीपी चेक नहीं कर पाईं सीएचओ।

मध्यप्रदेश के टीकमगढ़ जिले में स्वास्थ्य केंद्रों की स्थिति के निरीक्षण के लिए पहुंचे कलेक्टर विवेक कुमार श्रोतिय को सापौन उप स्वास्थ्य केंद्र के निरीक्षण के दौरान कुछ ऐसी स्थिति का सामना करना पड़ा, जिसने एक बार फिर स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए। निरीक्षण के दौरान पदस्थ कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) रितु अहिरवार से कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने एक महिला मरीज का ब्लड प्रेशर जांचने को कहा और सीएचओ इसमें असमर्थ नजर आईं। इसके बाद कलेक्टर ने खुद हस्तक्षेप करते हुए उन्हें BP जांचने की प्रक्रिया समझाई और उन्हें ब्लड प्रेशर लेना सिखाया। इस वीडियो के सामने आने के बाद अब स्वास्थ्य केंद्रों में कार्यरत स्वास्थ्य कर्मचारियों की शैक्षणिक योग्यता पर सवाल खड़े होने लगे हैं।

महिला मरीज का BP लेने में आई परेशानी

कलेक्टर विवेक श्रोतिय जब सापौन के उप स्वास्थ्य केंद्र पहुंचे, तब सीएचओ रितु अहिरवार एक महिला मरीज की जांच कर रही थीं, लेकिन वह BP लेने की प्रक्रिया पूरी नहीं कर सकीं और ये देखकर खुद कलेक्टर साहब भी हैरान रह गए। उन्होंने सीएचओ से पूछा कि वह बीपी कैसे ले रही हैं? इस पर सीएचओ निः शब्द थीं। इसके बाद उन्होंने स्वयं CHO को ब्लड प्रेशर जांचने का तरीका समझाया। उन्होंने प्रक्रिया के जरूरी चरणों के बारे में बताया और मौके पर ही BP लेने की जानकारी दी।

कलेक्टर ने योग्यता को लेकर भी पूछे सवाल

ब्लड प्रेशर जांचने के दौरान सामने आई स्थिति के बाद कलेक्टर ने CHO रितु अहिरवार से उनकी शैक्षणिक योग्यता और डिग्री को लेकर भी सवाल किए और उनसे जरूरी जानकारी ली। उन्होंने यह जानने की कोशिश की कि सीएचओ रितु अहिरवार की शैक्षणिक पृष्ठभूमि क्या है और उनके पास कौन-सी डिग्री है और अगर उनके पास शैक्षणिक योग्यता है तो फिर उन्हें बीपी मापने में इतनी दिक्कतें क्यों आईं। इस घटनाक्रम के बाद निरीक्षण के दौरान कलेक्टर का ध्यान स्वास्थ्य केंद्र में मौजूद सुविधाओं के साथ-साथ वहां तैनात कर्मचारियों की कार्यप्रणाली पर भी केंद्रित रहा।

ग्रामीणों ने बताई उप स्वास्थ्य केंद्र की समस्या

कलेक्टर के निरीक्षण के दौरान स्थानीय ग्रामीणों ने भी अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने शिकायत की कि सापौन का उप स्वास्थ्य केंद्र नियमित रूप से नहीं खुलता है, जिसके चलते अक्सर ग्रामीणों को छोटी जांचों के लिए भी परेशान होना  पड़ता है। ग्रामीणों के अनुसार, इसका असर सीधे तौर पर मरीजों और ग्रामीणों को मिलने वाली स्वास्थ्य सुविधाओं पर पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से केंद्र की व्यवस्था को दुरुस्त करने और इसे नियमित रूप से संचालित कराने की मांग रखी।

शिकायतों पर कलेक्टर ने दिए सख्त निर्देश

ग्रामीणों की शिकायतें सुनने के बाद कलेक्टर विवेक श्रोतिय ने संबंधित अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए। उन्होंने उप स्वास्थ्य केंद्र की सेवाओं को नियमित और बेहतर तरीके से संचालित करने पर जोर दिया, ताकि मरीजों को जरूरत के समय स्वास्थ्य सुविधा मिल सके। कलेक्टर का ये निरीक्षण इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि उप स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों के लिए सामान्य स्वास्थ्य जांच और प्राथमिक स्तर की सेवाएं उपलब्ध कराना केंद्र की अहम जिम्मेदारी होती है।

(टीकमगढ़ से आमिर खान की रिपोर्ट)

ये भी पढ़ेंः रीवा में बड़ा हादसा, निजी अस्पताल की लिफ्ट में फंसने से मरीज की दर्दनाक मौत, परिजनों का हंगामा