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"हमने ना राम को देखा है, ना भगवान कृष्ण को, फिर भी...", भैय्या जी जोशी ने संघ के पहले तीन संस्थापकों का भी किया जिक्र

भैया जी जोशी ने संघ के पहले तीन संस्थापकों का जिक्र करते हुए कहा कि दो भागीरथों को तो हमने देखा है। भागीरथ का नाम दिया, गंगा का प्रवाह है, गंगा के प्रवाह की दो विशेषताएं हैं, उसको रोकने का साहस कोई नहीं कर पाया है।

भैय्या जी जोशी- India TV Hindi
भैय्या जी जोशी

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के पूर्व सरकार्यवाह भैय्या जी जोशी ने मंगलवार को नागपुर में आयोजित एक सांस्कृतिक कार्यक्रम में अपने संबोधन में कहा कि रामायण और महाभारत का मंचन करना बहुत आसान होता है। किसने देखा है, ना हमने राम को देखा है, ना हमने भगवान कृष्ण को देखा है, लेकिन उनके बारे में जो भी कहा जाएगा, वो सत्य है। हमारे मन में कभी यह शक नहीं होता कि यह हुआ है, पर हमने देखा नहीं है।

संघ के तीन भागीरथों के योगदान की सराहना

भैय्या जी जोशी ने संघ गंगा के तीन भागीरथ के मंचन के दौरान ये बातें कहीं। यह नाटक संघ के पहले तीन संस्थापकों के ऊपर यह नाटक आधारित रहा। उन्होंने कहा, "संघ के तीन भागीरथों को लोगों ने देखा है। दो को तो हमने खुद देखा है। इन महापुरुषों ने जो गंगा लाई, उसको रोकने का साहस आज तक कोई नहीं कर पाया। इसका अनुभव हमलोग ले रहे हैं।"

उन्होंन आगे कहा, "ये प्रवाह एक जड़ का रूप लेकर खड़ा है। गंगा का हम दर्शन भी करते हैं, गांगा कभी अशुद्ध नहीं होती, गंदगी आती नहीं ऐसा नहीं है, सभी प्रकार की गंदगियों को लेकर इस प्रवाह को शुद्ध रखने की शक्ति मां गंगा में है।"

जाति जनगणना पर भी दिया बयान

इस मौके पर जब जाति आधारित जनगणना पर उनकी राय मांगी गई, तो भैय्या जी जोशी ने कहा, "जो देश के लिए आवश्यक है, वो सब करना है।"

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