1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'हिन्दू लड़कियां जिम न जाएं, घर पर करें योग', BJP विधायक गोपीचंद पडलकर का विवादित बयान

'हिन्दू लड़कियां जिम न जाएं, घर पर करें योग', BJP विधायक गोपीचंद पडलकर का विवादित बयान

बीजेपी विधायक इससे पहले भी विवादों में रहे हैं। विधानसभा सत्र के दौरान उनके समर्थक एनसीपी नेता के समर्थकों से भिड़ गए थे और पुलिस उन्हें पकड़ ले गई थी। बाद में जमानत पर दोनों नेताओं के समर्थकों को रिहा किया गया था।

Gopinath Padalkar- India TV Hindi
Image Source : FB/SURESHSL99 गोपीनाथ पडलकर

महाराष्ट्र के बीड जिले से विधायक गोपीचंद पडलकर ने लड़कियों को लेकर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि लड़कियों को जिम नहीं जाना चाहिए, उन्हें घर के अंदर बैठकर योग करना चाहिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें मिलकर एक विरोध तंत्र बनाना होगा, जो ऐसी गतिविधियों को रोक, जो हिंदू लड़कियों को निशाना बनाती हैं। विधायक ने यह चिंता जताई कि जिम में ट्रेनिंग देने वाले लोग लड़कियों को अपने जाल में फंसा सकते हैं।

बीजेपी विधायक ने कहा, "बेटियों से भी मैं यहां पर विनती करना चाहूंगा। अच्छे से इस बात को समझ लें किसी के बहकावे में ना आएं। हमारे भाभी का बेटा ऐसा है, वैसा है यह हिंदू लोग ऐसे ही बोलते हैं, ऐसा कुछ नहीं है। जो तरुण बेटियां हैं, जिम जाते समय भी इस बात का ध्यान रखिए। बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। ट्रेनर कौन है, योग वगैरह घर पर ही करो ना। जिम जाने की क्या जरूरत है। यह लोग तुम्हें फसाते हैं, खेलों में बहुत बड़ा षड्यंत्र रचा है तुम्हारे खिलाफ।"

विधायक के बयान का विरोध

बीजेपी विधायक के बयान का कई लोग विरोध कर रहे हैं। विरोध करने वाले लोग इसे सांप्रदायिकता और महिलाओं की आजादी से जोड़ रहे हैं। विरोध करने वाले लोगों का कहना है कि महिलाओं को हर काम घर के अंदर करने के लिए मजबूर नहीं किया जा सकता। वहीं, जिम में ट्रेनिंग देने वाले लोगों के प्रति नफरत फैलाने और इसे सांप्रदायिक रंग देने का आरोप भी विधायक पर लगाया जा रहा है।

पहले भी विवादों में रहे हैं पडलकर

महाराष्ट्र विधानसभा के मानसून सत्र के दौरान एनसीपी नेता जितेंद्र आव्हाड और गोपीनाथ पडलकर के समर्थकों के बीच 17 जुलाई को विधानमंडल भवन के भूतल पर हाथापाई हुई थी। इससे पहले 16 जुलाई को दोनों विधायकों के बीच तीखी बहस हुई थी। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दुख व्यक्त करते हुए कहा था कि संसदीय मर्यादा, आचरण और संवाद बनाए रखने की जिम्मेदारी सभी की है। पडलकर और आव्हाड ने अपने-अपने समर्थकों के बीच हुई हाथापाई पर विधानसभा में खेद व्यक्त किया था। 

(बीड से आमिर हुसैन की रिपोर्ट)

यह भी पढ़ें-

कहीं इनमें से तो नहीं चोरी हुआ आपका मोबाइल, मुंबई पुलिस ने बरामद किए 1946 फोन

न एंबुलेंस, न डॉक्टर... मुंबई लोकल में युवक ने VIDEO कॉल पर कराई डिलीवरी, लोगों ने कहा- असली रैंचो