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घर में बोरवेल खोदते-खोदते छेद दी मेट्रो की सुरंग, कर दिया 6 इंच का छेद, पुलिस ने दर्ज किया केस

पुणे में बिना अनुमति बोरवेल खोदने से महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड की मेट्रो सुरंग में 6 इंच का छेद हो गया। पुलिस ने इस मामले में ठेकेदार और मकान मालिक पर केस दर्ज किया है। इससे पहले मुंबई में भी ऐसा ही एक मामला सामने आया था।

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Image Source : PTI REPRESENTATIONAL मेट्रो की सुरंग में 6 इंच का छेद हो गया था।

मुंबई: महाराष्ट्र में पुणे मेट्रो की शिवाजीनगर-स्वारगेट वाली सुरंग को गंभीर नुकसान पहुंचा है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक घर में बिना इजाजत बोरवेल खोदने से सुरंग में 6 इंच का छेद हो गया। पुणे पुलिस ने बोरवेल ठेकेदार और घर के मालिक दोनों पर लापरवाही का केस दर्ज किया है। यह घटना 14 मार्च को शुक्रवार पेठ इलाके में हुई थी। शिवाजी रोड पर घर नंबर 415, खडक पुलिस स्टेशन के ठीक सामने एक पुराना ‘वाडा’ यानी कि मकान तोड़ा गया और वहीं बोरवेल ड्रिलिंग शुरू कर दी गई।

मेट्रो सुरंग में 6 इंच का छेद कर दिया

महाराष्ट्र मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (महा मेट्रो) के अधिकारियों का कहना है कि बोरवेल ने नीचे चल रही मेट्रो सुरंग में 6 इंच का छेद कर दिया। पुणे मेट्रो प्रोजेक्ट के जॉइंट जनरल मैनेजर (सिविल) संतानु गौरात्रा ने इस बारे में पुलिस में शिकायत लिखाई। उन्होंने बताया कि शिवाजीनगर-स्वारगेट रूट पर 2 सुरंगें हैं। हर सुरंग का व्यास 6.4 मीटर है और ये 60 से 100 फीट नीचे जमीन में बनी हैं। सुरंगों को मजबूत सीमेंट-कंक्रीट के छल्लों से सहारा दिया गया है। महा मेट्रो ने कई बार चेतावनी दी थी कि मेट्रो के संवेदनशील इलाकों में खुदाई या बोरवेल का काम न करें।

नुकसान की राशि करीब 2.5 लाख रुपये

महा मेट्रो का कहना है कि चेतावनी के बावजूद घर के मालिक ने न तो मंजूरी ली और न ही अंडरग्राउंड इंफ्रास्ट्रक्चर की जांच कराई। सबसे पहले सुरंग के अंदर से टीम ने जांच की, लेकिन छेद का पता नहीं चला। बाद में सतह पर जांच करने पर पता चला कि पुराना वाडा तोड़कर बोरवेल ड्रिल किया गया था। समस्या तब सामने आई जब सुरंग ऑपरेटर भूषण प्रदीप बारिंगे ने स्वारगेट और मंडई स्टेशन के बीच असामान्य तौर पर पानी रिसने की सूचना कंट्रोल रूम को दी। रिसाव टनल लाइन नंबर 15/56 और रिंग नंबर 471 पर था। मेट्रो अधिकारियों ने नुकसान की राशि करीब 2.5 लाख रुपये बताई। 17 मार्च तक रिसाव पूरी तरह रोक दिया गया।

मुंबई में भी छेद दी गई थी मेट्रो की टनल

बता दें कि इसी महीने मुंबई में भी ऐसा ही मामला सामने आया था। 5 मार्च को साउथ मुंबई में एक प्राइवेट वॉटर सप्लायर ने बिना अनुमति बोरवेल ड्रिलिंग की, जिससे मेट्रो की एक्वा लाइन की सुरंग में छोटा छेद हो गया था। 13 मार्च को आजाद मैदान पुलिस स्टेशन में BNS की धारा 125 (लापरवाही से जान-माल को खतरा) और मेट्रो एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। आरोपी रामबाबू राय चंद्रमा वॉटर सप्लाई कंपनी के मालिक हैं। MMRC ने बताया कि मेट्रो लाइन-3 के 50 मीटर के ‘इन्फ्लुएंस जोन’ में कोई भी निर्माण या खुदाई बिना अनुमति नहीं की जा सकती। उन्होंने सभी लोगों और एजेंसियों से अपील की कि नियमों का पालन करें और जरूरी मंजूरी लें।