मुंबई: लोकसभा चुनाव से पहले INDI अलायंस (I.N.D.I.A.) में सीट शेयरिंग पर मंथन जारी है, लेकिन दिल्ली से लेकर महाराष्ट्र तक अभी भी सीटों पर गठबंधन के अंदर आम राय नहीं बन पाई है। एक तरफ जहां छोटी पार्टियां कांग्रेस से ज्यादा सीटों की डिमांड कर रही है, तो दूसरी तरफ कांग्रेस अपने खाते से सीटें देने के मूड में नहीं दिख रही है। आज महाराष्ट्र में सीटों के मुद्दे पर गठबंधन की बैठक होने जा रही है। वहीं, उत्तर प्रदेश में अखिलेश यादव अपने नेताओं के साथ 2024 के लोकसभा चुनावों पर मंथन करने वाले हैं।
सियासी संकट में फंसी कांग्रेस, छोटी पार्टियों की बड़ी डिमांड
लोकसभा चुनाव से पहले 28 पार्टियों के INDI अलायंस में सीट शेयरिंग को लेकर पेंच फंसा हुआ है। गठबंधन में कांग्रेस जहां खुद को बड़ा दिखाने की कोशिश में है, वहीं साथी पार्टियां अपनी डिमांड से कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा रही है। नीतीश कुमार और लालू यादव की पार्टियों के साथ चर्चा के बाद अब कांग्रेस उद्धव गुट और शरद पवार की पार्टी के साथ पावर गेम खेलने जा रही है, और इसी के तहत महाराष्ट्र की सीटों को लेकर बड़ी बैठक होने वाली है। इससे पहले आम आदमी पार्टी के साथ भी सीटों पर माथापच्ची हो चुकी है।
बड़ी बैठक में तीनों पार्टियों की तरफ से ये नेता होंगे शामिल
सीटों के बंटवारे को लेकर होने वाली आज की बैठक में शिवसेना (UBT), कांग्रेस और NCP (शरद) के नेता शामिल होंगे। शिवसेना की तरफ से जहां संजय राउत और विनायक राउत इस बैठक में मौजूद रहेंगे, वहीं NCP (शरद) से सुप्रिया सुले शामिल होंगी। कांग्रेस की तरफ से बैठक में अशोक चव्हाण, नाना पटोले और पृथ्वीराज चव्हाण शामिल हो सकते हैं। इस बैठक में जहां एक तरफ सीट बंटवारे पर चर्चा की जानी है, वहीं दूसरी तरफ शिवसेना (UBT) ने मीटिंग से पहले ही अपनी डिमांड जाहिर कर दी है।
Image Source : PTI Fileउद्धव ठाकरे ने 23 सीटों की मांग कर कांग्रेस के लिए मुश्किलें पैदा कर दी हैं।
उद्धव गुट ने मीटिंग से पहले ही रखी मांग, दी जाएं 23 सीटें
शिवसेना (UBT) ने मीटिंग से पहले ही वही फॉर्मूला पेश कर दिया है जो 2019 में उसका बीजेपी के साथ था। उद्धव गुट ने महाराष्ट्र की 48 सीटों में से 23 सीटों की मांग रख दी है। पार्टी का दावा है कि इन सीटों पर उसकी क्लोज फाइट रही थी। पार्टी का कहना है कि गठबंधन के दूसरों सहयोगियों को महाराष्ट्र जैसे राज्य में विनिबिल्टी फैक्टर भी देखना चाहिए। शिवसेना (UBT) ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि शिवसेना काडर बेस्ड पार्टी है, कांग्रेस की तरह अम्ब्रेला पार्टी नहीं है। उद्धव गुट का दावा है कि वह 2014 और 2019 जैसे ही नतीजे 2024 में भी लाएगी।
Image Source : PTI Fileशरद पवार की पार्टी भी बंटवारे में 2019 के जितनी ही सीटें चाहती है।
NCP (शरद) ने भी नहीं खोले पत्ते, कर सकती है ये डिमांड
एक तरफ जहां शिवसेना ने खुलकर अपने लिए 23 सीटों की मांग रखी है, तो दूसरी तरफ राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के शरद पवार गुट ने अभी तक अपने पत्ते नहीं खोले हैं। शरद पवार लगातार पार्टी के अंदर अपने करीबी नेताओं के साथ सीटों के बंटवारे पर चर्चा कर रहे हैं। सूत्रों की मानें तो शरद पवार की पार्टी भी 2019 वाले फॉर्मूले के हिसाब से सीट की डिमांड कर सकती है। आज की बैठक के बाद महाविकास अघाडी की दिल्ली में 14 और 15 जनवरी को फाइनल मीटिंग हो सकती है, लेकिन सीटों पर साथियों को मनाना कांग्रेस के लिए बड़ी चुनौती है।