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चलती ट्रेन में बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करने वाले यात्री पर हुआ एक्शन, मध्य रेलवे ने दी जानकारी

सेंट्रल रेलवे ने चेतावनी जारी करते हुए कहा कि ऐसी हरकतों से आग लग सकती है। यात्रियों की जान भी खतरे में पड़ सकती है। आरोपी शख्स मध्य प्रदेश के ग्वालियर शहर का रहने वाला है।

ट्रेन की बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करता शख्स- India TV Hindi
Image Source : X/JHARKHANDRAIL ट्रेन की बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा करता शख्स

चलती ट्रेन में एक यात्री बर्थ पर दीपक जलाकर पूजा कर रहा था। रेलवे ने आरोपी ट्रेन चालक के खिलाफ कार्रवाई की है। चलती ट्रेन में अपनी बर्थ पर पूजा करते समय दीपक जलाने के आरोप में 55 वर्षीय यात्री को ट्रेन से नीचे उतार दिया गया। साथ ही उसके खिलाफ पुलिस में केस दर्ज किया गया है। मध्य रेलवे (CR) के अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। मध्य रेलवे ने यात्रियों से अपील की है कि वे ट्रेनों के भीतर ज्वलनशील पदार्थ न ले जाएं और न ही दीपक, मोमबत्ती या अगरबत्ती जलाएं। 

ट्रेन में लग सकती थी आग

रेलवे ने चेतावनी दी है कि ऐसी हरकतों से आग लग सकती है। यात्रियों की जान खतरे में पड़ सकती है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना 31 अगस्त को ट्रेन संख्या 12782 (हजरत निजामुद्दीन-मैसूर एक्सप्रेस) में हुई। सूचना मिलने पर अधिकारियों ने कोच ए-1 में एक टिकट जांच कर्मचारी को भेजा, जहां मध्य प्रदेश के ग्वालियर निवासी गरीब नामक यात्री ने बर्थ संख्या 17 पर दीपक जला रखा था। 

माचिस, पीतल का दीपक और स्टील डिब्बा बरामद

मध्य रेलवे ने बताया कि यात्री के पास से एक माचिस, पीतल का दीपक और एक स्टील का डिब्बा बरामद किया गया। कार्रवाई के लिए यात्री को भुसावल स्टेशन पर उतार लिया गया। टीटीई (टिकट परीक्षक) ने यात्री से लौ को बुझाने के लिए कहा था और समझाया था कि इससे आग लग सकती है, जिससे यात्रियों और रेलवे संपत्ति को खतरा हो सकता है। 

टीटी से पूजा पूरी करने की जिद

हालांकि, आरोप है कि यात्री ने दीपक बुझाने से पहले अपनी पूजा पूरी करने की जिद की। मध्य रेलवे ने बताया कि इस पूरी घटना को टीटीई ने अपने मोबाइल फोन में रिकॉर्ड भी कर लिया था। 

यात्री के खिलाफ इन धाराओं में दर्ज हुआ केस

मध्य रेलवे ने बताया कि मंगलवार को रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 153 और 145(बी) के तहत यात्री के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद उसे भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 35(सी) के तहत नोटिस देकर रिहा कर दिया गया। 

5 साल तक की कैद का प्रावधान

रेलवे अधिनियम की धारा 153 यात्रियों की सुरक्षा को खतरे में डालने वाले कृत्यों के लिए पांच साल तक की जेल की सजा का प्रावधान करती है। वहीं, धारा 145(बी) ज्वलनशील पदार्थ ले जाने या उनका उपयोग करने से संबंधित है, जिसमें रेलवे परिसर से हटाए जाने, 5000 रुपये के जुर्माने और कुछ परिस्थितियों में 5 साल तक की कैद का प्रावधान शामिल है। (भाषा के इनपुट के साथ)

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