मुंबई: आज IIT बॉम्बे से जुड़ी बड़ी खबर सामने आई है। आईआईटी बॉम्बे में सेकंड ईयर के छात्र साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद IIT बॉम्बे के डायरेक्टर शिरीष केदरे का इस्तीफा हो सकता है।
क्या है पूरा मामला?
IIT कैंपस में छात्रों का लगातार प्रदर्शन हो रहा है। इस बीच डायरेक्टर प्रो शिरीष केदरे ने कल रात छात्रों के बीच रिजाइन करने का ऐलान कर दिया था। इस बीच छात्रों ने डायरेक्टर के सामने 18 मांगे रखी थीं, जिन्हें डायरेक्टर ने मान लिया था। इसके बाद उन्होंने छात्रों के सामने ऐलान किया कि वो आज यानी सोमवार को इस्तीफा दे देंगे।
अब आज उनका इस्तीफा हो सकता है। साहिल वाकोडे के सुसाइड के बाद से ही छात्र लगातार IIT एडमिनिस्ट्रेशन पर आरोप लगा रहे हैं और कैंपस के अंदर लगातार प्रदर्शन चल रहे हैं। साहिल 22 साल का था और एनर्जी साइंस एंड इंजीनियरिंग विभाग में सेकंड ईयर बीटेक का छात्र था।
पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला
साहिल 18 सितंबर की शाम IIT बॉम्बे के हॉस्टल नंबर-4 स्थित अपने कमरे में मृत मिला था। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। छात्रों का आरोप है कि हैरेसमेंट की वजह से साहिल ने सुसाइड किया। पिछले तीन दिनों से IIT बॉम्बे के कैंपस में प्रोटेस्ट चल रहा है।
साहिल 18 नवंबर को परीक्षा देने के बाद शाम 4 बजे हॉस्टल लौट गया था। देर रात हॉस्टल में उसका शव फंदे से लटका मिला। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। यह IIT बॉम्बे में 7 महीने के भीतर आत्महत्या का तीसरा मामला है।
वहीं देशभर के IIT में इस साल 9 छात्रों ने सुसाइड किया है। छात्रों के प्रोटेस्ट के दौरान जब इंडिया टीवी ने IIT बॉम्बे के डायरेक्टर प्रोफेसर शिरीष केदरे से बात की तो उन्होंने कहा कि सारी जिम्मेदारी उनकी है।
IIT के छात्रों ने कल डायरेक्टर के सामने 18 मांगें रखी थीं, जिसे IIT डायरेक्टर शिरीष केदरे ने मान लिया था।
छात्रों की मुख्य मांगें-
- प्रो. सूर्यनारायण का फौरन सस्पेंशन, जो साहिल की परीक्षा में इनवेस्टिगेटर थे और जिन पर FIR हुई है।
- साहिल की मौत की स्वतंत्र जांच- 30 सितंबर तक अंतरिम रिपोर्ट और 15 अक्टूबर तक फाइनल रिपोर्ट।
- 22 सितंबर तक ओपन हाउस- डायरेक्टर, Dean Student Affairs, और Energy Science विभाग के हेड के साथ।
- संस्थान की तरफ से माफी - IIT ने शुरू में कहा था कि साहिल ने परीक्षा में AI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल किया, छात्रों ने इसे मृत छात्र पर आरोप और बदनामी बताया।
- प्रोफेसरों के लिए Code of Conduct बनाया जाए।
- फैकल्टी और स्टाफ के लिए मेंटल-हेल्थ Sensitisation प्रोग्राम।
- Disciplinary Action Committee की प्रक्रिया में बदलाव और बेहतर In-Person Counselling।
- एक टास्क फोर्स का गठन- जिसमें छात्र, फैकल्टी, मेंटल हेल्थ प्रोफेशनल और बाहरी एक्सपर्ट हों, जो छात्र तनाव के कारणों की जांच करे और हर सेमेस्टर रिपोर्ट प्रकाशित करें।
- बेहतर प्रशासनिक जवाबदेही।
- छात्रों का प्रतिनिधित्व बढ़ाया जाए।
- मेंटल हेल्थ और मेडिकल केयर में सुधार।
- IIT Bombay हॉस्पिटल में 24/7 Psychiatrist-on-call सुविधा।
- 24 घंटे में लिखित जवाब और 26 सितंबर तक Implementation Plan।
- लिखित आश्वासन कि शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन में शामिल छात्रों पर कोई कार्रवाई नहीं होगी।
- डायरेक्टर के इस्तीफे की मांग - अगर एक महीने में सुधार लागू नहीं हुए तो डायरेक्टर इस्तीफा दें।
इससे पहले खबर सामने आई थी कि IIT बॉम्बे के छात्र के सुसाइड मामले पर कॉलेज ने कहा- परीक्षा में ChatGPT से नकल कर रहा था।
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