नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर विभागीय स्नातक विधान परिषद निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में बगावत करते हुए निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में नामांकन दाखिल करने वाले भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता अनिल सोले ने आखिरकार अपनी उम्मीदवारी लेने का निर्णय कल ले लिया, मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने कल रात सोले के निवास पर उनसे मुलाकात कर उनकी नाराजगी दूर की।
अनिल सोले ने इंडिया टीवी को क्या बताया?
पूर्व विधायक अनिल सोले ने इंडिया टीवी के साथ आज बातचीत करते हुए कहा कि उम्मीदवार तय करते समय संबंधित क्षेत्र के कार्यकर्ताओं को विश्वास में नहीं लिया जाता, पार्टी की कार्यप्रणाली को लेकर उनके द्वारा जताई गई नाराजगी को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में निर्णय प्रक्रिया में बदलाव करने का आश्वासन दिया गया।
अनिल सोले ने कहा कि पुराने कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का विषय प्रमुखता से ध्यान में लाया गया है। मुख्यमंत्री घर आए, हमारी बातें उन्होंने सुनीं, पार्टी के लिए काम करने वालों को सरकार और संगठन में स्थान मिलने का भरोसा मिला।
सोले ने कहा कि इस भरोसे पर ही उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ली है। तकनीकी तौर पर उनका नाम वैलेट पेपर पर रहेगा, लेकिन उनका प्रयास रहेगा कि उन्हें एक भी वोट ना मिले। अनिल सोले नगर सेवक, मेयर और MLC पद पर रह चुके हैं। वह इसी सीट पर 2014 से 2020 तक MLC रहे।
सीएम ने गिरीश विकास से भी चर्चा की
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने पूर्व विधायक गिरीश विकास से भी चर्चा की। गिरीश व्यास ने अनिल सोले के समर्थन में भारतीय जनता पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था। जनसंघ के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष पंडित बछराज व्यास के बेटे गिरीश व्यास ने बातचीत करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री से सकारात्मक आश्वासन मिलने के बाद उन्होंने अपना इस्तीफा वापस ले लिया है। पार्टी ने उनका इस्तीफा मंजूर नहीं किया था, मुख्यमंत्री के ध्यान में आया कि पार्टी कितनी भी बड़ी हो जाए लेकिन कार्य प्रणाली नहीं बदलना चाहिए।
गौरतलब है कि 23 अक्टूबर को विधान परिषद चुनाव संपन्न होगा और 27 अक्टूबर को मतों की गिनती होगी। महाराष्ट्र के पांच स्थानों के लिए विधान परिषद का चुनाव हो रहा है। अमरावती, पुणे, नागपुर, संभाजी नगर संभाग में यह चुनाव हो रहा है। शिक्षक और स्नातक विधान परिषद की सीटों के लिए यह चुनाव संपन्न हो रहे हैं।
अनिल सोले के मान जाने के बाद मुख्य मुकाबला महाविकास अघाडी के उम्मीदवार अभिजीत वंजारी जो वर्तमान में इस सीट से विधायक है, उनके एवं भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक सुधाकर कोहले के बीच होगा। नागपुर स्नातक विधान परिषद के सीट पर पंडित बछराज व्यास, गंगाधर राव फडणवीस (देवेंद्र फडणवीस के पिताजी), नितिन गडकरी ,अनिल सोले , इस सीट से जीत दर्ज की है 58 सालों तक भारतीय जनता पार्टी का इस सीट पर कब्जा था, लेकिन 2020 में पहली बार कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी से यह सीट छीनी एवं उनके उम्मीदवार अभिजीत बंजारी इस सीट से चुन के आए और उन्हें फिर से कांग्रेस ने उम्मीदवार बनाया है।
इससे पहले खबर सामने आई थी कि CM फडणवीस ने कहा कि राहुल गांधी देश में अल्ट्रा लेफ्टिस्ट माइंडसेट को प्रस्थापित करने की कोशिश कर रहे हैं।
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