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महाराष्ट्र में विधान परिषद का चुनाव, होटल में ठहराए जाएंगे विधायक, खरीद-फरोख्त को लेकर डरी पार्टियां

महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव 12 जुलाई को होने जा रहे हैं। 11 सीटों पर 12 उम्मीदवार मैदान में हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग के डर से सभी पार्टियों द्वारा अपने-अपने विधायकों को अलग-अलग होटलों में ठहराया जा रहा है।

Maharashtra Legislative Council elections MLAs will be accommodated in hotels parties are afraid of - India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

महाराष्ट्र में विधान परिषद के चुनाव होने जा रहे हैं। 12 जुलाई को विधान परिषद की 11 सीटों पर मतदान किया जाएगा। 11 सीट के लिए 12 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। ऐसे में क्रॉस वोटिंग का खतरा सभी दलों को सता रहा है। इस बीच क्रॉस वोटिंग के डर की वजह से महायुति और महाविकास अघाड़ी अपने विधायकों को होटल में ठहराने जा रही है। कौन सी पार्टी किस होटल में अपने विधायकों को रख सकती है, इसकी भी जानकारी सामने आई है। दरअसल भाजपा अपने विधायकों को ताज प्रेसिडेंसी, शिवसेना के विधायक ताज लैंड, एनसीपी एपी के विधायक होटल ललित, शिवसेना यूबीटी के विधायक आईटीसी ग्रैंड मराठा में ठहरेंगे।

किसके पास कितने उम्मीदवार

बता दें कि महाराष्ट्र विधानसभा की मौजूदा स्ट्रेंथ 274 है। विधान परिषद की एक सीट जीतने के लिए 23 वोट की जरूरत है। विधान परिषद चुनाव में भाजपा के 5, शिवसेना के 2 और एनसीपी एपी के 2 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। वहीं महाविकास अघाड़ी के 3, शिवसेना यूबीटी के 1, कांग्रेस के 1 और शेकाप के 1 उम्मीदवार चुनावी मैदान में हैं। वहीं शरद पवार की एनसीपी ने भारतीय शेतकारी कामगार पार्टी के उम्मीदवार को समर्थन दिया है। अगर गुणा गणित की बात करें तो महायुति के पास 181 विधायक हैं। महाविकास अघाड़ी के पास 64 और छोटे व निर्दलीय दलोमं के पास 29 विधायक हैं। 

किस पार्टी के पास कितने वोट

इसमें भाजपा के पास 103, शिवेसना के पास 38 और एनसीपी के पास 40 वोट हैं। वहीं महाविकास अघाड़ी की बात करें तो कांग्रेस के पास 37, शिवसेना यूबीटी के पास 15 और एनसीपी एसपी के पास 12 विधायकों का समर्थन है। कांग्रेस का एक उम्मीदवार आसानी से चुनाव जीत सकता है। वहीं शिवसेना यूबीटी के पास जरूरी वोट नहीं है। इसी तरह एनसीपी एपी का एक उम्मीदवार आसानी से जीत सकता है लेकिन दूसरे उम्मीदवार के पास भी जीत के लिए जरूरी वोट नहीं है। शेकाप के उम्मीदवार के पास भी जीत के लिए जरूरी वोट नहीं है। जबकि भाजपा के सभी 5 विधायक निर्दलीयों की मदद से आसानी से जीत सकते हैं।