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अन्ना हजारे का संघर्ष सफल, महाराष्ट्र में लागू होगा नया लोकायुक्त कानून, अब भ्रष्टाचारियों की खैर नहीं

महाराष्ट्र में लोकायुक्त के नियमों को लागू करने में दो साल की देरी हुई है। यह कानून लागू होने से राज्य में भ्रष्टाचार रोकने में मदद मिलेगी। सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने इसके लिए लंबा आंदोलन किया है।

Anna hazare- India TV Hindi
Image Source : PTI अन्ना हजारे

महाराष्ट्र सरकार राज्य में नया लोकायुक्त कानून लागू करने की तैयारी कर रही है। इस कानून को पहले ही दोनों सदनों से मंजूरी मिल चुकी है और राष्ट्रपति भी इस पर हस्ताक्षर कर चुकी हैं। हालांकि, उन्होंने इसमें तीन अहम बदलावों का सुझाव दिया था। इन बदलावों के साथ अब नया लोकायुक्त कानून राज्य में लागू होने जा रहा है। इसके लिए सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे ने लंबे समय से प्रदर्शन किया है। कानून को लागू किए जाने में लगभग दो साल की देरी हुई है।

राज्य विधानमंडल ने केंद्र सरकार द्वारा सुझाए गए संशोधनों को मंजूरी दे दी है। यह कदम अनुभवी सामाजिक कार्यकर्ता अन्ना हजारे की लगातार मांगों के जवाब में उठाया गया है, जिन्होंने अधिनियम के लागू न होने पर 31 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल की घोषणा की थी। 

2022 में पारित हुआ था कानून

मूल लोकायुक्त विधेयक विधानसभा द्वारा 28 दिसंबर 2022 को और विधान परिषद द्वारा 15 दिसंबर 2023 को पारित किया गया था, जिसके बाद इसे राष्ट्रपति की सहमति के लिए भेजा गया। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विधेयक को मंजूरी दे दी, लेकिन राज्य को तीन महत्वपूर्ण संशोधन शामिल करने की सिफारिश की। इन सुझावों को औपचारिक रूप से महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को बता दिया गया था, जिन्होंने विधानमंडल को सूचित किया। 

बीएनएस के अनुसार बदले कानून

फडणवीस ने स्पष्ट किया कि केवल केंद्रीय कानूनों के तहत स्थापित प्राधिकरण स्वतः ही राज्य लोकायुक्त के अधिकार क्षेत्र में नहीं आएंगे। हालांकि, यदि ऐसे निकायों में कार्यरत अधिकारियों की नियुक्ति राज्य सरकार द्वारा की जाती है, तो वे लोकायुक्त के दायरे में आएंगे। इसी प्रकार, यदि कोई संस्था केंद्र सरकार द्वारा बनाई गई है, तब भी राज्य द्वारा नियुक्त अधिकारी लोकायुक्त अधिनियम के अधीन होंगे। संशोधनों में पुराने आईपीसी, सीआरपीसी और साक्ष्य अधिनियम संदर्भों की जगह केंद्र द्वारा पेश किए गए नए आपराधिक कोड भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम के साथ संरेखित करने के लिए कानून में संदर्भों को भी अद्यतन किया गया है।

भ्रष्टाचार रोकने में मिलेगी मदद

संशोधित कानून के तहत, पुराने अधिनियम के अंतर्गत नियुक्त वर्तमान लोकायुक्त का कार्यकाल नए कानून के लागू होते ही समाप्त हो जाएगा। प्रशासनिक असंतुलन से बचने के लिए, नए लोकायुक्त के कार्यभार संभालने तक मौजूदा लोकायुक्त अपने पद पर बने रहेंगे। दोनों सदनों से संशोधित विधेयक पारित हो जाने और राष्ट्रपति की मंजूरी मिल जाने के बाद, राज्य सरकार जल्द ही नए लोकायुक्त अधिनियम को लागू करने के लिए तैयार है, जो महाराष्ट्र में जवाबदेही और भ्रष्टाचार विरोधी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम है । (इनपुट-एएनआई)

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