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राज ठाकरे की मनसे ने नवी मुंबई इंटरनेशल एयरपोर्ट का रनवे तोड़ने की धमकी क्यों दी? सामने आई ये वजह

नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (एनएमआईए) परियोजना से इसके चार टर्मिनलों में लगभग एक लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पहले टर्मिनल के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय लोगों को पहले ही दरकिनार किया जा रहा है, जो कि भूमिपुत्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की भावना के विपरीत है।

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Image Source : PTI एमएनएस नेता राज ठाकरे

ठाणे: महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) ने नवनिर्मित मुंबई इंटरनेशल एयरपोर्ट में अनुमानित एक लाख नौकरियों के लिए स्थानीय एवं मराठी भाषी उम्मीदवारों को प्राथमिकता नहीं दिए जाने की स्थिति में इसके रनवे को तोड़ने की धमकी दी। राज ठाकरे की अगुवाई वाली मनसे के नेताओं ने सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम के तहत आवेदन का हवाला देते हुए दावा किया कि इससे पता चलता है कि शहर एवं औद्योगिक विकास निगम लिमिटेड (सिडको) ने जानबूझकर ‘भूमिपुत्रों’ (स्थानीय निवासियों) के लिए नौकरियों में आरक्षण सुनिश्चित करने की नीति नहीं बनाई है। 

एक लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद 

मनसे प्रवक्ता गजानन काले ने सोमवार को संवाददाता सम्मेलन में कहा कि नवी मुंबई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा (एनएमआईए) परियोजना से इसके चार टर्मिनलों में लगभग एक लाख नौकरियां मिलने की उम्मीद है। उन्होंने दावा किया कि पहले टर्मिनल के लिए जारी भर्ती प्रक्रिया में स्थानीय लोगों को पहले ही दरकिनार किया जा रहा है, जो कि भूमिपुत्रों को रोजगार के अवसर प्रदान करने की भावना के विपरीत है। प्रवक्ता ने कहा, ‘‘सरकार नवी मुंबई हवाई अड्डे पर प्रवासियों को एक लाख नौकरियां देगी। 

बड़ा मार्च निकालेगी मनसे

सूचना के अधिकार के तहत प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिडको और नवी मुंबई हवाई अड्डा प्रशासन की 80 प्रतिशत नौकरियां स्थानीय मराठी भाषी लोगों को आवंटित की जानी है, लेकिन इसने नीति को खारिज किया है।’’ उन्होंने कहा, ‘‘अगर मराठी युवाओं को नौकरियों में प्राथमिकता नहीं दी गई, तो मनसे एक बड़ा मार्च निकालेगी और यह सुनिश्चित करेगी कि राज साहब के आदेश के अनुसार इस हवाई अड्डे से किसी भी विमान को उड़ान भरने की अनुमति न दी जाए।’’

रनवे को तोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं 

उन्होंने आरोप लगाया कि सिडको ने एग्री कोली समुदाय - अधिग्रहित भूमि के मूल निवासियों - को हवाई अड्डे से संबंधित नौकरियों के लिए तैयार करने के उद्देश्य से कौशल विकास प्रशिक्षण कार्यक्रमों की उपेक्षा की और अंततः प्रशिक्षण बंद कर दिए। काले ने कहा, ‘‘अगर स्थानीय नौकरियों को प्राथमिकता देने की मांग पूरी नहीं हुई, तो मनसे नेता अमित ठाकरे और शिवसेना (उबाठा) विधायक आदित्य ठाकरे के नेतृत्व में सभी विपक्षी दलों की ओर से एक विशाल मार्च निकाला जाएगा। मनसे कार्यकर्ताओं के लिए हवाई अड्डे के रनवे को तोड़ना कोई मुश्किल काम नहीं है।’’ (इनपुट-भाषा)