1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'शक्ति है तो सब कुछ है, शिव से शक्ति हटे तो शव बचता है', नागपुर में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

'शक्ति है तो सब कुछ है, शिव से शक्ति हटे तो शव बचता है', नागपुर में बोले संघ प्रमुख मोहन भागवत

मोहन भागवत ने शक्ति की उपासना का महत्व बताया और कहा कि शक्ति है तो सब कुछ है, शिव से शक्ति हटे तो शव बचता है। उन्होंने नागपुर के धंतोली स्थित दुर्गा पंडाल में पूजा अर्चना की।

Mohan bhagwat- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT मोहन भागवत

नागपुर: आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने नागपुर के धंतोली स्थित दुर्गा पंडाल में पूजा अर्चना की। इस अवसर पर उन्होंने शक्ति की उपासना का महत्व बताया। संघ प्रमुख ने कहा कि शिव से अगर शक्ति का इकार निकाल दिया तो केवल शव बचता है। इस दौरान मोहन भागवत ने जनता को आने वाली विजयदशमी की शुभकामनाएं दी। मोहन भागवत ने सद्गुणों को जागृत करने और राष्ट्र के नवउत्थान में मां की शक्ति के महत्व पर भी अपनी बार रखी। 

मोहन भागवत ने कहा, “शक्ति है तो सब कुछ होता है। शिव से शक्ति का इकार निकाल दिया, तो केवल शव बचता है। यह शक्ति है, उसकी उपासना करनी है।” उन्होंने कहा कि मां का आशीर्वाद सभी को लेना चाहिए, क्योंकि उसी के आशीर्वाद से सब कुछ चलता है।

करोड़ों लोगों के हृदय में सद्गुणों के साथ विराजमान हैं मां

संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि देवी की उपासना के दौरान ‘या देवी सर्वभूतेषु’ मंत्र का पाठ किया जाता है और इसके बाद देवी के विभिन्न गुणों का स्मरण किया जाता है। इसका भाव यह है कि मां करोड़ों लोगों के हृदय में अपने सद्गुणों और संपदा के साथ विराजमान हैं। जरूरत उन गुणों को जागृत करने की है।

उन्होंने भगवद्गीता का उल्लेख करते हुए कहा कि कीर्ति, श्री और श्रद्धा जैसे सद्गुण हमारे भीतर मौजूद हैं। इन्हें जागृत और सक्रिय करना ही हमारी शक्ति बनता है। मां के सगुण विग्रह के सामने उपासना करने का उद्देश्य भी इन्हीं गुणों को जागृत करना है। उन्होंने कहा कि यह उपासना व्यक्ति, परिवार और राष्ट्र, तीनों के लिए उपकारक है।

राष्ट्र के नवउत्थान में भी मां की शक्ति का महत्व

मोहन भागवत ने कहा कि भारत के नवउत्थान के प्रारंभिक दौर में रामकृष्ण परमहंस ने मां की उपासना की थी। उनके आशीर्वाद से स्वामी विवेकानंद आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि आज देश में सार्वजनिक जीवन और कार्यों में विवेकानंद की छाया दिखाई देती है। संघ प्रमुख ने मां की शक्ति को राष्ट्र की शक्ति से जोड़ते हुए कहा कि उसकी उपासना मनोभाव से करनी चाहिए। उनके अनुसार, मां के आशीर्वाद और अपने भीतर मौजूद सद्गुणों को जागृत करके व्यक्ति के साथ-साथ राष्ट्र की शक्ति को भी सक्रिय किया जा सकता है।

बता दें कि राष्ट्रवाद और देश की संस्कृति की रक्षा पर आरएसस का जोर हमेशा से रहा है। हाल ही में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कहा कि भारत की परंपराएं समाज और दुनिया की सुरक्षा तथा कल्याण सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने लोगों से अपनी परंपराओं के अनुसार जीवन जीने और समाज की बेहतरी के लिए योगदान देने का आह्वान किया था। वे नागपुर जिले के देओलापुर स्थित ‘गौ-विज्ञान अनुसंधान केंद्र’ में कई परियोजनाओं का उद्घाटन करने के बाद बोल रहे थे। यह कार्यक्रम विश्व हिंदू परिषद (VHP) के दिवंगत अध्यक्ष अशोक सिंघल की जन्म शताब्दी के अवसर पर आयोजित किया गया था।

ये भी पढ़ें:
टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के लिए पल्सर बाइक का इस्तेमाल, तीन बार हुई खरीद-बिक्री, मालिक से पूछताछ