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मुंबई: जोगेश्वरी वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर 60- 70 बाइक राइडर्स ने मचाया उत्पात, सामने आया VIDEO

मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बाइक राइडर्स ने ऐसा उत्पात मचाया कि मौके पर हड़कंप मच गया और जाम की स्थिति बन गई। ऐसे में कई लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा।

Mumbai- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT हाईवे पर 60- 70 बाइक राइडर्स ने मचाया उत्पात

मुंबई: मुंबई के वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर जोगेश्वरी से लेकर महिम तक बाइक राइडर्स ने उत्पात मचाया है। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में जोगेश्वरी वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर बिना हेलमेट, ट्रिपलिंग, साइलेंसर से तेज आवाज के साथ 60- 70 बाइकर्स की यह टोली रेस करते हुए देखी जा सकती है।

क्या है पूरा मामला?

बाइक रेसिंग के कारण वेस्टर्न एक्सप्रेस हाईवे पर ट्रैफिक जाम भी लग गया, जिससे अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि बीएसटी बस के एक यात्री ने बाइक राइडर्स का वीडियो बना लिया और ट्रैफिक पुलिस से ये मांग की है कि पुलिस सीसीटीवी की जांच करके इन बाइकर्स पर कार्रवाई करे। 

हाईवे पर बाइक रेसिंग पर कितना फाइन लग सकता है?

हाईवे पर बाइक रेसिंग करना भारत में मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 (संशोधन 2019) के तहत एक गंभीर अपराध माना जाता है। इसे खतरनाक ड्राइविंग या रेसिंग/स्पीडिंग के तहत वर्गीकृत किया जाता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 189 के अनुसार, बिना अनुमति के सार्वजनिक सड़कों पर रेसिंग करना या तेज गति से वाहन चलाना दंडनीय है।

मुंबई (महाराष्ट्र) में हाईवे पर बाइक रेसिंग करना मोटर व्हीकल एक्ट, 1988 (2019 संशोधन) के तहत एक गंभीर अपराध है। इसे मुख्य रूप से धारा 189 (रेसिंग या ड्राइविंग टू द डेंजर ऑफ पब्लिक) के अंतर्गत दंडित किया जाता है, जो सार्वजनिक सड़कों पर बिना अनुमति के रेसिंग या खतरनाक तरीके से वाहन चलाने को प्रतिबंधित करती है। 

इसके अलावा, धारा 183 (ओवरस्पीडिंग) और धारा 184 (खतरनाक ड्राइविंग) भी लागू हो सकती हैं, खासकर अगर रेसिंग से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हो। मुंबई पुलिस और महाराष्ट्र ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, हाईवे (जैसे मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे या मुंबई-अहमदाबाद हाईवे) पर बाइक रेसिंग अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है, इसलिए सजा सख्त है। फाइन राज्य सरकार द्वारा निर्धारित नियमों पर निर्भर करता है, लेकिन 2019 संशोधन के बाद यह काफी बढ़ गया है। (इनपुट: गोविंद ठाकुर)