महाराष्ट्र में मुंबई की अंधेरी पुलिस ने एक ऐसे गिरोह का पर्दाफाश किया है, जो खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर लोगों के ऑफिस में फर्जी छापा मारता था और फिर कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर मोटी रकम डिमांड करता था। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि इस गिरोह ने एक कारोबारी से 1 करोड़ रुपये का एक्सटॉर्शन मांगा था।
रेड के वक्त खुद को बताया इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी
पुलिस के मुताबिक, शिकायतकर्ता के ऑफिस में 6 पुरुष और तीन महिलाएं, यानी कुल 9 लोग, साजिश के तहत पहुंचे। आरोपियों ने खुद को इनकम टैक्स और क्राइम ब्रांच का अधिकारी और कर्मचारी बताया, जबकि वे इन विभागों से जुड़े हुए नहीं थे। आरोपियों ने फर्जी सरकारी पहचान पत्र भी दिखाए।
शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया
इसके बाद आरोपी जबरदस्ती शिकायतकर्ता के ऑफिस में घुस गए। उन्होंने शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी को अपने कब्जे में ले लिया। साथ ही शिकायतकर्ता, उनकी पत्नी और ऑफिस में काम करने वाले 10 अन्य कर्मचारियों के मोबाइल फोन भी अपने पास ले लिए। इतना ही नहीं, किसी को भी ऑफिस से बाहर जाने नहीं दिया गया।
नकली अधिकरियों ने मांगा 1 करोड़ का एक्सटॉर्शन
आरोप है कि इसके बाद आरोपियों ने शिकायतकर्ता को कानूनी कार्रवाई करने की धमकी दी और उनके साथ गाली-गलौज की। कार्रवाई से बचाने के नाम पर आरोपियों ने 1 करोड़ रुपये का एक्सटॉर्शन मांगा। इसके बाद शिकायतकर्ता ने अंधेरी पुलिस से शिकायत की।
पुलिस ने 6 आरोपियों को किया गिरफ्तार
पुलिस ने शिकायत के आधार पर अपराध क्रमांक 812/2026 दर्ज किया। आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता 2023 की धारा 61(2), 204, 205, 333, 140(2), 127(1), 351(2) और 308(4) के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी जांच की मदद से आरोपियों की पहचान की और 6 लोगों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम हैं:
- संतोष उदय खोपटकर उम्र 37 साल
- विनय रमेश मोरे उम्र 37 साल
- प्रेम किसन सबनानी उम्र 50 साल
- प्रज्ञा हरीश माईन उम्र 27 साल
- रेश्मा शामराव वारंग उम्र 41 साल
- सबीना हाफिज शेख उम्र 48 साल
गिरोह में शामिल और लोगों का लगाया जा रहा पता
पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस गिरोह में और कितने लोग शामिल हैं। पुलिस फर्जी पहचान पत्र और फर्जी छापे के लिए इस्तेमाल की गई अन्य चीजों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की जांच और कानूनी कार्रवाई जारी है। इससे पहले मुंबई में स्पेशल-26 जैसा मामला सामने आया था, जब नकली क्राइम ब्रांच वालों ने कैफे मालिक से 25 लाख रुपये लूट लिए थे।
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