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Hindi News महाराष्ट्र मुंबई: मॉल में बने अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत, 68 मरीजों को बचाया गया

मुंबई: मॉल में बने अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत, 68 मरीजों को बचाया गया

मुंबई के भांडुप में देर रात अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत हो गई जबकि 68 मरीजों को बचा लिया गया है। जानकारी के मुताबिक यह अस्पताल एक मॉल के अंदर चल रहा था।

<p>मुंबई: मॉल में बने...- India TV Hindi Image Source : PTI मुंबई: मॉल में बने अस्पताल में आग लगने से 10 लोगों की मौत, 70 मरीजों को बचाया गया

मुंबई: मुंबई में एक मॉल में स्थित अस्पताल में आग लगने के बाद 10 मरीजों की मौत हो गई। इस अस्पताल में कोरोना वायरस के मरीजों का इलाज चल रहा था। दमकल विभाग के एक अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि भांडुप इलाके में स्थित ड्रीम्स मॉल इमारत में सनराइज अस्पताल में आधी रात के कुछ देर बाद आग लग गई। करीब 70 मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल ने बताया कि कोविड-19 के कारण दो मरीजों की मौत हुई है और आग लगने के कारण किसी की मौत नहीं हुई।

अधिकारी ने बताया कि यह अस्पताल चार मंजिला मॉल की सबसे ऊपरी मंजिल पर स्थित है और जब आग लगी तो उस समय 76 मरीज मौजूद थे जिनमें से ज्यादातर कोविड-19 का इलाज करा रहे थे। मुंबई में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने के बीच यह घटना हुई है। शहर में बृहस्पतिवार को संक्रमण के 5,504 नए मामले सामने आए जो इस महामारी की शुरुआत से लेकर अब तक एक दिन में सर्वाधिक मामले हैं। बीएमसी नियंत्रण कक्ष के सूत्रों ने बताया कि आग लगने की वजह का अभी पता नहीं चला है।

अधिकारी ने बताया कि दमकल की 20 गाड़ियां, पानी के 15 टैंकर और एम्बुलेंस को घटनास्थल पर भेजा गया। आग पर काबू पाने की कोशिश चल रही है। उन्होंने बताया कि दमकल कर्मियों ने 70 मरीजों को बाहर निकाल लिया और उन्हें एक अन्य अस्पताल में भेजा गया है। दमकलकर्मी इस बात की जांच कर रहे हैं कि कहीं कोई मरीज अब भी अस्पताल के अंदर तो फंसा नहीं है। मुंबई की महापौर किशोरी पेडनेकर घटनास्थल पर पहुंचीं और उन्होंने इस बात पर हैरानी जताई कि मॉल के अंदर अस्पताल है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने पहली बार किसी मॉल के अंदर अस्पताल देखा है।’’ उन्होंने कहा कि अगर यहां अस्पताल चलाने में किसी तरह की अनियमितता पाई गई तो कार्रवाई की जाएगी।

अस्पताल ने एक बयान में कहा, ‘‘ड्रीम्स मॉल, भांडुप की पहली मंजिल पर आग लगी और धुआं सबसे ऊपरी मंजिल पर बने सनराइज अस्पताल तक पहुंच गया। जब आग लगने का अलार्म बजा तो सभी मरीजों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया क्योंकि धुआं अस्पताल तक पहुंच रहा था।’’ इसमें कहा गया है, ‘‘दो शवों को भी बाहर निकाला गया। अन्य मरीजों को नजदीक के कोविड-19 केंद्र और निजी अस्पतालों में भेजा गया।’’ बयान में कहा गया है कि महामारी की ‘‘असाधारण परिस्थितियों’’ में पिछले साल यह अस्पताल शुरू हुआ और इसने कई जिंदगियां बचाने में मदद की। यह अस्पताल दमकल विभाग से मिले लाइसेंस, नर्सिंग होम लाइसेंस समेत सभी अन्य नियमों का पालन करते हुए चल रहा है।

नगर निकाय के एक अधिकारी ने बताया कि बीएमसी ने अग्नि सुरक्षा नियमों का कथित उल्लंघन करने को लेकर पिछले साल नवंबर में मॉल को नोटिस भेजा था। राकांपा के पूर्व सांसद संजय दीना पाटिल ने कहा कि उन्होंने भी बीएमसी आयुक्त को पिछले साल पत्र लिखकर वहां अग्नि सुरक्षा नियमों के उल्लंघन की ओर ध्यान दिलाया था।