1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. सुसाइड की कोशिश करने वाले डॉक्टर की मौत, अस्पताल में चल रहा था इलाज; जानें पूरा मामला

सुसाइड की कोशिश करने वाले डॉक्टर की मौत, अस्पताल में चल रहा था इलाज; जानें पूरा मामला

डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर ने उत्पीड़न से परेशान होकर पिछले हफ्ते मुंबई में आत्महत्या की कोशिश की थी, जिनकी इलाज के दौरान सोमवार को मौत हो गई।

प्रतीकात्मक फोटो- India TV Hindi
Image Source : PEXELS.COM प्रतीकात्मक फोटो

महाराष्ट्र की राजधानी मुंबई के सायन रेलवे स्टेशन पर हाई-टेंशन बिजली के टावर पर चढ़कर आत्महत्या का प्रयास करने वाले डॉक्टर राजेंद्र रूपनवर की सोमवार दोपहर इलाज के दौरान मौत हो गई। वह सतारा जिले के फलतां उप-जिला अस्पताल में तैनात थे। उन्होंने कुछ दिन पहले उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए आत्महत्या की कोशिश की थी।

डॉ. रूपनवर ने गुरुवार सुबह आत्महत्या की कोशिश की थी। पुलिस और दमकल कर्मियों ने उन्हें बचाकर सीपीआर देने के बाद अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई थी और सोमवार दोपहर उन्होंने दम तोड़ दिया।

क्या था पूरा मामला?

जुलाई में, एक पूर्व मंत्री का निजी सचिव होने का दावा करने वाले प्रसाद कोंडे देशमुख ने फलतां उप-जिला अस्पताल का दौरा किया था और आर्म्स लाइसेंस के लिए बिना बारी (आउट-ऑफ-टर्न) के मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट की मांग की थी। नियमों का हवाला देते हुए जब डॉ. रूपनवर ने सर्टिफिकेट देने से इनकार किया, तो तीखी बहस हुई थी। हालांकि, बाद में अस्पताल के अधिकारियों ने सर्टिफिकेट जारी कर दिया, लेकिन देशमुख ने डॉक्टर को गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी दी थी।

आंतरिक जांच का दबाव

धमकी से परेशान होकर डॉ. रूपनवर ने सोशल मीडिया पर अपनी जान देने की घोषणा करने वाला एक संदेश पोस्ट किया था। इसके बाद, फलतां सिटी पुलिस ने लोक सेवक के शासकीय कर्तव्य में बाधा डालने का मामला दर्ज किया था। लेकिन इसके बाद, मेडिकल सुपरिंटेंडेंट ने डॉ. रूपनवर के खिलाफ एक आंतरिक जांच शुरू कर दी। 

आरोप है कि जांच रिपोर्ट में देरी की गई और डॉक्टर को उसकी कॉपी भी नहीं दी गई। इसी बात से आहत होकर वह पिछले हफ्ते मुंबई पहुंचे, सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर मेडिकल सुपरिंटेंडेंट के खिलाफ कार्रवाई की मांग की और यह कदम उठाया। इस घटना के बाद सरकार ने संबंधित मेडिकल सुपरिंटेंडेंट को निलंबित कर दिया है और पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।

कुछ महीने पहले नागपुर के एक डॉक्टर ने एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाकर आत्महत्या कर ली थी। मामला धंतोली स्थित न्यूरान स्पाइन एंड क्रिटिकल केयर सेंटर का था। डॉक्टर का नाम ईश्वर चंद्र नरहरि चांदेकर बताया गया, जो न्यूरान अस्पताल में रेजिडेंट मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत थे।

ये भी पढ़ें-

दिल्ली में SIR के दौरान सबसे ज्यादा वोटर्स के नाम किस इलाके से कटे? यहं देखें डेटा

समाजसेवक अन्ना हजारे की तबीयत बिगड़ी, मुंबई के हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया