नागपुर: एक ओर जहां नागपुर में मूसलाधार बारिश हो रही है वहीं मौसम विभाग ने 29 और 30 जुलाई को नागपुर समेत विदर्भ के कई इलाकों में बारिश को लेकर अलर्ट जारी किया है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए नागपुर के जिलाधिकारी ने बुधवार को स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में छुट्टी घोषित कर दी है।
मौसम विभाग के अनुमान के मुताबिक बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव वाले क्षेत्र के प्रभाव से 29 से 31 जुलाई के बीच महाराष्ट्र के अलग-अलग हिस्सों में बारिश का अनुमान है। इस दौरान विदर्भ, उत्तरी मराठवाड़ा, खानदेश, कोंकण और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में हल्की से लेकर भारी बारिश होने की संभावना है। वहीं विदर्भ, उत्तरी मराठवाड़ा और खानदेश में बारिश के साथ तेज हवाएं भी चल सकती हैं।
मौसम विभाग के मुताबिक 29 जुलाई को कम दबाव वाले क्षेत्र का सबसे अधिक असर विदर्भ, खासकर पूर्वी विदर्भ में देखने को मिल सकता है। वहीं 30 जुलाई को पश्चिमी विदर्भ, खानदेश, उत्तरी मराठवाड़ा, मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों और कोंकण में बारिश की गतिविधियां बढ़ने की संभावना है। 31 जुलाई को खानदेश के कुछ हिस्सों और मध्य महाराष्ट्र के घाट क्षेत्रों में बारिश हो सकती है।
वहीं मुंबई और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन में भी 30 से 31 जुलाई के बीच तेज बारिश का अनुमान है। खास तौर पर रायगढ़, ठाणे और पालघर जिलों में 30 जुलाई को तेज बारिश हो सकती है। मौसम विभाग की ओर से जारी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलने की अपील की है।
बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत
महाराष्ट्र के ठाणे जिले में जारी मानसून के दौरान बारिश से जुड़ी घटनाओं में अब तक 18 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि भूस्खलन, दीवार गिरने और बाढ़ के कारण 790 से अधिक लोग प्रभावित हुए हैं। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी। जिला प्रशासन की रिपोर्ट के अनुसार, इनमें से दो मौतें सोमवार को दर्ज की गईं। जिला प्रशासन की रिपोर्ट में कहा गया है कि मौजूदा मानसून के दौरान जिले में बारिश से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में 17 लोग घायल हुए हैं। मुंबई से सटे इस जिले में इस महीने कई दिनों तक भारी बारिश हुई, जिसके कारण विभिन्न इलाकों में दीवार गिरने और जलभराव की घटनाएं सामने आईं।
रिपोर्ट के अनुसार, 24 जुलाई से अब तक बाढ़ में बहने और जलाशयों में डूबने से चार लोग लापता हैं, जिनका पता लगाने के लिए प्रयास जारी हैं। रिपोर्ट में कहा गया कि भूस्खलन, दीवार गिरने, नदियों में बाढ़ और बारिश से जुड़ी अन्य आपदाओं के कारण 229 परिवारों के कुल 797 लोग प्रभावित हुए हैं। इन लोगों को राहत शिविरों में ठहराया गया है। भारी बारिश के कारण कुल 187 मकान या तो पूरी तरह ढह गए हैं या वे आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त हो गये। इसके अलावा तेज बारिश और हवाओं की वजह से पांच झोपड़ियां, एक सामुदायिक भवन और एक आंगनवाड़ी केंद्र भी क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, खराब मौसम के दौरान जिले में तीन मुर्गी पालन केंद्र को भी नुकसान पहुंचा है। जिला प्रशासन प्रभावित इलाकों में राहत और पुनर्बहाली के कार्य लगातार जारी रखे हुए है।
ये भी पढ़ें:
नागपुर में कार के नीचे कुचलने से तीन साल के बच्चे की मौत, CCTV फुटेज आया सामने