महाराष्ट्र के नागपुर के सक्करदरा थाना क्षेत्र के ताज बाग इलाके में स्थित एक मदरसे में तालीम हासिल कर रहे 14 वर्षीय नाबालिग छात्र के साथ यौन उत्पीड़न की कोशिश की घटना सामने आई है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए मदरसे से 10 नाबालिग बच्चों को रेस्क्यू कर कर बालगृह में लिया है। ये सभी बच्चे बिहार के बताए जा रहे हैं।
10 बच्चों को शिफ्ट किया गया
यौन उत्पीड़न का प्रयास करने वाला मौलाना का दोस्त बताया जा रहा है, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है। पुलिस और बाल संरक्षण विभाग ने 10 से 17 वर्ष की आयु के 10 बच्चों को रेस्क्यू कर बालगृह भेजा है। रेस्क्यू किए गए सभी 10 बच्चे मूल रूप से बिहार के रहने वाले बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण (POCSO) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
सक्करदरा पुलिस थाने के निरीक्षक रमेश खुणे ने बताया कि दो दिन पहले पुलिस को ताज बाग के इस मदरसे में बच्चों के साथ मारपीट और यौन शोषण की शिकायत मिली थी। एक 14 वर्षीय बच्चे ने उसके साथ यौन शोषण का प्रयास होने का आरोप लगाया था। इस सूचना के बाद पुलिस ने तुरंत हरकत में आते हुए बाल संरक्षण विभाग को भी मामले की जानकारी दी।
मौलाना का दोस्त है आरोपी
जानकारी के मुताबिक, इस मदरसे में 10 से 17 साल तक के बच्चे रहकर उर्दू और अरबी की पढ़ाई कर रहे थे। मदरसे में जो मौलाना पढ़ाने आते थे, आरोपी उसका दोस्त है। आरोपी ने जब छात्र के साथ यह घिनौना कृत्य करने की कोशिश की, तो बच्चों ने तुरंत इसकी शिकायत मौलाना से कर दी। बताया जा रहा है कि शिकायत मिलने के बाद मौलाना ने उस आरोपी दोस्त को वहां से निकाल दिया था। हालांकि, बाद में इस पूरे घटनाक्रम की शिकायत पुलिस थाने में दर्ज कराई गई।
सक्करदरा पुलिस ने पीड़ित छात्र के बयान के आधार पर पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत FIR दर्ज कर ली है। फिलहाल, आरोपी फरार है और पुलिस की टीमें उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं। वहीं, बाल संरक्षण विभाग की मदद से सभी 10 बच्चों को सुरक्षित निकालकर स्थानीय बालगृह में शिफ्ट कर दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं अन्य बच्चों के साथ भी इस तरह की घटना तो नहीं हुई है।
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