महाराष्ट्र के नागपुर के आयचित मंदिर बस स्टॉप के पीछे एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां बच्चे के लापता होने को लेकर हुए विवाद में एक महिला के पहले पति ने उसके वर्तमान पति पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में वर्तमान पति गंभीर रूप से घायल हो गया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घटना के 1 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी को हिरासत में ले लिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, महिला अपने पहले पति गणेश वानखेड़े को छोड़कर आकाश गुलाब राव ढोमने (दूसरे पति) के साथ रह रही थी। महिला अपने बच्चे के साथ ही रह रही थी, जो उसके पहले पति से हैं। कुछ दिनों से एक बच्चे के लापता होने को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा था। इसी रंजिश के चलते आरोपी गणेश वानखेड़े ने आयचित मंदिर के पास एक गली में आकाश पर चाकू से हमला कर दिया और उसे लहूलुहान कर दिया।
बड़कस चौक पर फैली अफवाह?
घटना के बाद घायल आकाश ऑटो पकड़ने के लिए मुख्य सड़क पर स्थित बड़कस चौक पहुंचा। चौक के पास खून के धब्बे और एक खून से लथपथ एक्टिवा गाड़ी देखकर लोगों में गलतफहमी फैल गई। देखते ही देखते यह अफवाह उड़ गई कि यह घटना किसी वीआईपी मूवमेंट के दौरान हुई है।
वीआईपी मूवमेंट के बाद सड़क क्लियर थी: पुलिस
पुलिस उपायुक्त (DCP) राहुल मदने ने इन अफवाहों का खंडन करते हुए स्पष्ट किया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत का काफिला बड़कस चौक से पहले ही गुजर चुका था और पुलिस ने ट्रैफिक पूरी तरह से सुचारू कर दिया था। यह घटना वीआईपी रूट पर नहीं, बल्कि आयचित मंदिर के पास एक अंदरूनी गली में हुई थी। घायल व्यक्ति केवल ऑटो पकड़ने के लिए बड़कस चौक आया था।
इलाज के लिए अस्पताल पहुंचा दूसरा पति
घायल अवस्था में आकाश ने बड़कस चौक से ऑटो पकड़ा और इलाज के लिए इंदिरा गांधी मेडिकल कॉलेज पहुंचा। मामले की गंभीरता को देखते हुए नागपुर पुलिस ने तत्परता दिखाई और घटना के महज 1 घंटे के भीतर मुख्य आरोपी गणेश वानखेड़े को हिरासत में ले लिया। महिला का पहला पति मुख्य आरोपी है। आरोपी को हिरासत में लेकर पुलिस मामले की आगे की कानूनी जांच कर रही है। एक सनसनीखेज खबर महाराष्ट्र के बारामती से सामने आई है, जहां एक महिला ने अपने पति को जिंदा दफनाने के लिए घर में उसकी कब्र बना दी।
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