1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. चुनाव बायकॉट करने पर आपस में भिड़े MNS-कांग्रेस, महाराष्ट्र के दिग्गज नेता बोले- हमें राज ठाकरे की बात मंजूर नहीं

चुनाव बायकॉट करने पर आपस में भिड़े MNS-कांग्रेस, महाराष्ट्र के दिग्गज नेता बोले- हमें राज ठाकरे की बात मंजूर नहीं

SIR पर जारी विवाद के बीच MNS प्रमुख राज ठाकरे ने चुनाव के बायकॉट की बात की तो कांग्रेस नेता इस पर बिफर पड़े। पृथ्वीराज चव्हाण ने साफ कह दिया कि वह राज ठाकरे की बात से बिल्कुल भी इत्तेफाक नहीं रखते हैं।

Raj Thackeray Prithviraj Chavan- India TV Hindi
Image Source : PTI पृथ्वीराज चव्हाण ने राज ठाकरे की बात मानने से इनकार किया।

ज्ञानेश कुमार मानो विपक्ष के लिए संजीवनी बन गए। जो नेता कभी एक दूसरे को देखना पसंद नहीं करते, वो अब एक मंच पर नजर आ रहे हैं। ये बात अलग है कि उद्धव और राज ठाकरे का भरत मिलाप कई महीनों पहले हो गया। मगर ज्ञानेश कुमार के मामले ने दोनों को मोर्चे पर आने का एक मौका तो जरूर दे दिया। आज (रविवार को) मुंबई में ठाकरे ब्रदर्स अपने समर्थकों के सामने दहाड़े। दोनों ने एक सुर में महाराष्ट्र में हुई SIR को रद्द करने की मांग की। ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है और कहा है कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं हो जाता। तब तक ये आंदोलन यूं ही चलता रहेगा। इतना ही नहीं इस दौरान, राज ठाकरे ने चुनाव का बहिष्कार करने की मांग कर दी। लेकिन कांग्रेस के दिग्गज नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने इसे नामंजूर कर दिया है।

दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए- राज ठाकरे

दरअसल, MNS प्रमुख राज ठाकरे ने कहा था कि चुनाव का बहिष्कार कीजिए क्योंकि दूध का दूध और पानी का पानी होना चाहिए। मैं 2017-18 से कह रहा हूं कि मतदाता सूची में गड़बड़ है क्योंकि इस तरह से वोट कम नहीं हो सकते। भाजपा के वोट इस तरह से बढ़ भी नहीं सकते। मैं सत्ताधारी पार्टी से सिर्फ इतना कहना चाहता हूं कि हमें कोई अपेक्षा नहीं है। हमें कोई गुस्सा भी नहीं है कि आप सत्ता पर बैठे हैं लेकिन आप सत्ता किस तरीके से चला रहे हैं और किसलिए चला रहे हैं इसका हमें गुस्सा है। हमें इसी बात का गुस्सा है कि इस देश के मतदाता को तय करना होगा कि किसे सत्ता में बैठना है।

चुनाव के बहिष्कार की बात से मैं सहमत नहीं- चव्हाण

वहीं, MNS प्रमुख राज ठाकरे के चुनाव को बहिष्कार करने वाले बयान पर कांग्रेस नेता पृथ्वीराज चव्हाण ने कहा कि मैं इस बात से सहमत नहीं हूं कि हमें इलेक्शन का बायकॉट करना चाहिए। लोकतांत्रिक सरकार पाना हमारा हक है, यह सही रणनीति नहीं है। जब 2024 में मेरा इलेक्शन हुआ, तो मैंने विरोध किया था। मैंने कहा था कि मेरे केस में डुप्लिकेट वोटर जोड़े गए थे जिन्होंने कई बार वोट डाला। कुछ स्थानों पर अल्पसंख्यक वोटरों को वोट देने के हक से वंचित रखा गया, कुछ जगहों पर गरीब लोगों को वोट देने के हक से वंचित रखा गया। वे लोग जो कांग्रेस पार्टी का समर्थन करते थे, यह सिर्फ वोट की चोरी नहीं है, यह चुनाव की चोरी है।

केरल में खोली गई ज्ञानेश कुमार की 20 साल पुरानी फाइल

उधर, CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ शहर-शहर प्रदर्शन हो रहे हैं। SIR को लेकर जंग तेज होती जा रही है। जब से SIR पर नए खुलासे हुए हैं, तब से ज्ञानेश कुमार पब्लिकली सामने नहीं आए हैं। इस बीच, ज्ञानेश कुमार के खिलाफ एक पुरानी फाइल भी खुल चुकी है। ये मामला 20 साल पुराना है। केरल की कांग्रेस सरकार ने ज्ञानेश कुमार के खिलाफ विजिलेंस जांच के आदेश दिए हैं। 2006 में ज्ञानेश कुमार केरल के PWD सेक्रेटरी थे। उस दौरान एक मलेशियाई इंजीनियर ने आत्महत्या कर ली थी। सुसाइड नोट में ज्ञानेश कुमार का नाम होने की बात कथित तौर पर कही जा रही है। अब केरल के गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने ये मामला विजिलेंस के डायरेक्टर को सौंप दिया है। उन्होंने कहा कि 20 साल पहले इसकी ठीक से जांच नहीं हुई, इसलिए फाइल को रीओपन किया गया है।

ये भी पढ़ें- CEC ज्ञानेश कुमार के खिलाफ SC में नई याचिका दायर, की गई उनके 14 फैसलों की रद्द करने की मांग