मुंबई में रोहन पारेख से जुड़े फर्जी PMO कार्ड और PM के वेन्यू के पास घूमने के मामले में नया मोड़ आया है। मुंबई पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक, पीएम के वेन्यू के पास फर्जी पीएमओ का कार्ड लेकर जाने वाले रोहन पारेख को कोई मेल नहीं आया था। रोहन पारेख की पीएमओ से आए मेल की बात भी झूठी है। उधर, रोहन के पिता के मीडिया के कैमरे पर हाथ मारने का मामला भी सामने आया है।
रोहन पारेख के पिता ने मीडिया के कैमरे पर मारा हाथ
बता दें कि रोहन पारेख के पिता प्रेमल पारेख से क्राइम ब्रांच ने पूछताछ की है। इंडिया टीवी की टीम ने रोहन के पिता से ईमानदारी से बिना कैमरे के पहले सवाल पूछा था, लेकिन वे आक्रामक हो गए और बिना जवाब दिए इंडिया टीवी के कैमरे पर हाथ मारा। और पूछताछ के बाद रोहन का परिवार अपनी लग्जरी गाड़ी में बैठकर निकल गया।
11 सितंबर तक पुलिस हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी
जान लें कि बीते 8 सितंबर को 2 लोगों को अरेस्ट किया गया और मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट की कोर्ट ने उन्हें 11 सितंबर तक पुलिस की कस्टडी में भेज दिया। उनके ऊपर आरोप है कि वे हथियार और PMO का फर्जी पहचान पत्र लेकर बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स क्षेत्र के एक लग्जरी शॉपिंग मॉल में जबरन घुस गए थे।
जियो वर्ल्ड प्लाजा में क्या हुआ था?
24 साल के रोहन पारिख और 49 साल के दिलीप कुंडे की गिरफ्तारी बीते सोमवार की शाम जियो वर्ल्ड प्लाजा में हुई एक घटना के बाद हुई, जहां सुरक्षा गार्डों ने दोनों को रोक लिया क्योंकि कुंडे के पास हथियार था। इस दौरान, बहस हुई तो एक आरोपी ने अपने मोबाइल फोन में एक पहचान पत्र की डिजिटल फोटो दिखाई, जिसमें दावा किया गया कि वह PMO का अधिकारी है।
घटना का PM मोदी के कार्यक्रम से संबंध नहीं- मुंबई पुलिस
इससे पहले, पुलिस के एक सीनियर अफसर ने बताया था कि बीते मंगलवार शाम को बांद्रा कुर्ला कॉम्प्लेक्स स्थित नीता मुकेश अंबानी कल्चरल सेंटर में PM मोदी के कार्यक्रम से कुछ घंटे पहले, खुद को PMO का अधिकारी बताने वाले शख्स और उसके हथियारबंद 'बॉडीगार्ड' को हिरासत में लिया गया था। हालांकि, बाद में पुलिस ने स्पष्ट किया कि इस घटना का प्रधानमंत्री की तरफ से 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' के उद्घाटन समारोह से कोई संबंध नहीं था।
(इनपुट- PTI)
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