A
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. सोलापुर: टॉवेल कारखाने में आग, 8 लोगों की मौत, मालिक-मजदूर कोई नहीं बचा

सोलापुर: टॉवेल कारखाने में आग, 8 लोगों की मौत, मालिक-मजदूर कोई नहीं बचा

कारखाने में लगी की चपेट में आने से आठ लोगों की मौत हो गई। इनमें कारखाने के मालिक और काम करने वाले मजदूर भी शामिल हैं। आग लगने की वजह शॉर्टसर्किट बताई जा रही है।

टॉवेल कारखाने में आग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV टॉवेल कारखाने में आग

महाराष्ट्र के सोलापुर में रविवार (18 मई) को एक टॉवेल कारखाने में आग लग गई। इस घटना में आठ लोगों की मौत हो गई। सभी आठ लोग फैक्ट्री से जुड़े हुए थे। मृतकों में फैक्ट्री के मालिक भी शामिल हैं। घटना सोलापुर के अक्कलकोट रोड औद्योगिक क्षेत्र की है। यहां सेंट्रल टेक्सटाइल मिल टॉवेल कारखाने में शॉर्टसर्किट के कारण आग लग गई। इस हादसे में मालिक और मजदूर परिवार के कुल 8 लोगों की मौत हो गई।  

Image Source : India TVकारखाने में आग

सुबह 3 बजे आग लगने की जानकारी सुरक्षा गार्ड को मिली। इसके बाद उसने पास के कारखाने के सुरक्षा गार्ड को सूचना दी और फायर ब्रिगेड को बुलाया। तुरंत फायर ब्रिगेड की गाड़ियां घटनास्थल पर पहुंचीं। कारखाने के अंदर जाने के लिए संकरी गली होने के कारण काफी दिक्कतें आईं। तब तक आग ने रौद्र रूप ले लिया था। कारखाने के मालिक उस्मान मंसूरी और एक मजदूर परिवार, कुल 8 लोग कारखाने में काम करने के साथ-साथ वहीं रहते थे।

पहचान में नहीं आ रहे शव

मेहताब बागवान, उनकी बेटी हीना वसीम शेख और बेटा सलमान मेहताब बागवान के शव सुबह बाहर निकाले गए। वहीं, कारखाने के मालिक उस्मान मंसूरी के परिवार के चार सदस्यों और मजदूर परिवार के एक अन्य सदस्य, कुल 5 लोगों की तलाश जारी थी। दोपहर में कारखाने के मालिक उस्मान मंसूरी, उनके पोते अनस (26), पोती-बहू शिफा मंसूरी (24), पोते के बेटे यूसुफ (1) और मजदूर मेहताब बागवान की पत्नी आयशा बागवान के शव मिले, जो पहचान से परे हो चुके थे। सभी शवों को सरकारी अस्पताल लाया गया, जहां रिश्तेदारों की भारी भीड़ जमा हो गई। एमआईडीसी में स्थित इस कारखाने में टॉवेल और अन्य सामग्री बनाई जाती थी। तड़के साढ़े तीन बजे आग लगने के कारण आग पर जल्दी काबू नहीं पाया जा सका।

Image Source : India TVकारखाने में आग

पांच-छह घंटे बाद शांत हुई आग

सोलापुर शहर के साथ-साथ अन्य स्थानों और एनटीपीसी से भी फायर ब्रिगेड की 100 गाड़ियां मंगवाई गईं। बड़ी मात्रा में पानी का छिड़काव किया गया, लेकिन आग सुलगती रही। करीब पांच से छह घंटे बाद आग पर काबू पाया गया। हालांकि, तब तक अंदर से आ रही चीखें बंद हो चुकी थीं, ऐसा फायर ब्रिगेड के जवानों ने बताया। फायर ब्रिगेड के कुछ जवान भी झुलस गए हैं।आग की सूचना मिलते ही विधायक सुभाष देशमुख, पूर्व विधायक और मजदूर नेता नरसय्या आडम मास्टर सहित अन्य लोग घटनास्थल पर पहुंचे।

(सोलापुर से प्रवीण सपकाल की रिपोर्ट)