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पिता का अंतिम संस्कार छोड़ 10वीं की परीक्षा देने पहुंची छात्रा, प्रेरणादायक है कहानी

महाराष्ट्र की एक छात्रा 10वीं कक्षा की परीक्षा दे रही थी, वहीं दूसरी तरफ उसके पिता का अंतिम संस्कार हो रहा था। छात्रा अपने पिता के अंतिम संस्कार को छोड़कर 10वीं कक्षा की परीक्षा देने जाती है।

student left her fathers last rites to appear for the 10th class exam the story is inspiring- India TV Hindi
Image Source : FILE PHOTO प्रतीकात्मक तस्वीर

महाराष्ट्र के लातूर में पिता का अंतिम संस्कार बीच में छोड़कर दिशा नागनाथ उबाले अपना 10वीं कक्षा का मराठी का पर्चा देने पहुंचीं। कक्षा 10 की छात्रा के पिता का बृहस्पतिवार शाम को निधन हो गया। वह बीमारी से जूझ रहे थे। उनका अंतिम संस्कार शुक्रवार को उनके भादा गांव में किया गया। भादा में जिला परिषद बालिका विद्यालय की छात्रा दिशा ने बताया कि उसे यकीन नहीं था कि वह शुक्रवार को सेकेंडरी स्कूल सर्टिफिकेट (एसएससी) की परीक्षा दे पाएगी । तभी उसके शिक्षक शिवलिंग नागापुरे ने उसे परीक्षा में शामिल होने के लिये कहा। 

पिता की मौत, अंतिम संस्कार छोड़कर परीक्षा देने पहुंची छात्रा

नागपुरे ने बताया कि उन्होंने लातूर डिवीजनल बोर्ड के चेयरमैन सुधाकर तेलंग से संपर्क किया, जिन्होंने दिशा से बात की और उसे हार न मानने के लिए प्रोत्साहित किया। हौसला दिखाते हुए 16 वर्षीय लड़की ने अपने आंसू पोंछे, अपने पिता को अंतिम विदाई दी और शुक्रवार को मराठी का पेपर देने के लिए औसा के अजीम हाई स्कूल में परीक्षा केंद्र की ओर चल पड़ी। दिशा के परिवार में उनकी दादी, मां और छोटा भाई शामिल हैं। भादा गांव के निवासी प्रेमनाथ लाटूरे ने बताया कि जब वह (दिशा) औसा में अपना पेपर लिख रही थीं, उसी दौरान उनके पिता का अंतिम संस्कार हो रहा था।

यूपी बोर्ड की 24 फरवरी की परीक्षा रद्द

बता दें कि दूसरी तरफ महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए प्रयागराज में 24 फरवरी को आयोजित होने वाली बोर्ड परीक्षा के एग्जाम को रद्द कर दिया गया है। अधिकारिक बयान के मुताबिक, 24 फरवरी को आयोजित होने वाली परीक्षा का आयोजन 9 मार्च को किया जाएगा। बता दें कि केवल प्रयागराज में 24 फरवरी को होने वाली बोर्ड परीक्षा को रद्द किया गया है। बाकी राज्य के सभी जिलों में परीक्षा तय कार्यक्रम के अनुसार ही आयोजित किए जाएंगे। दरअसल महाकुंभ को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा यह फैसला लिया गया है, ताकि किसी को असुविधा न हो।