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महिला का आरोप "वह नशे में था, अर्धनग्न था, लेकिन..." मनसे नेता के बेटे को क्या मिलेगी सजा?

मुंबई की एक नेल आर्टिस्ट ने मनसे के नेता के बेटे पर शराब के नशे में धुत होकर गाड़ी से उनकी गाड़ी में टक्कर मारने के बाद अपमानजनक बातें कहने का आरोप लगाया है। जानें युवक पर क्या क्या धाराएं लगी हैं और उसे क्या सजा मिलेगी?

नेल आर्टिस्ट ने लगाया मनसे नेता के बेटे पर आरोप- India TV Hindi
नेल आर्टिस्ट ने लगाया मनसे नेता के बेटे पर आरोप

महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) के एक नेता के बेटे ने अपनी कार से नेल आर्टिस्ट राजश्री मोरे की कार में टक्कर मार दी और फिर उनके साथ दुर्व्यवहार किया. उन्हें धमकाया। जिसके बाद अपने दर्दनाक अनुभव को याद करते हुए राजश्री मोरे ने  कहा कि वह व्यक्ति इतना नशे में था कि उसे याद ही नहीं रहा कि वह अर्धनग्न था, लेकिन उसे याद था कि उसके पिता कितने प्रभावशाली हैं। अपने बयान में राजश्री ने कहा  कि रविवार की देर करीब अंधेरी के वीरा देसाई रोड के पास एक सफेद इनोवा कार के चालक राहिल जावेद शेख ने शराब के नशे में धुत होकर लापरवाही से गाड़ी चलाते हुए मेरी गाड़ी को टक्कर मार दी और उसे क्षतिग्रस्त कर दिया।

नेल आर्टिस्ट ने बताया कि राहिल जावेद शेख से जब मैंने ऐसी हरकत करने पर उसका जवाब मांगा औक उसकी गाड़ी रोकी तो उसने मुझे गाली दी और अपमानित किया...इसलिए मैंने राहिल जावेद शेख के खिलाफ कानूनी शिकायत की है। आरोपी पर जो धाराएं लगाई गयी हैं उनमें उसकी गिरफ्तारी नहीं होगी।

मुंबई पुलिस का बयान

मुंबई पुलिस का कहना है, "सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है जिसमें एक शर्टलेस युवक राजश्री मोरे नाम की एक महिला के साथ दुर्व्यवहार करता हुआ दिखाई दे रहा है, क्योंकि उसकी कार को युवक की कार ने टक्कर मार दी थी। उसकी पहचान राहिल शेख के रूप में हुई है, जो एमएनएस के राज्य उपाध्यक्ष जावेद शेख का बेटा होने का दावा कर रहा है। यह घटना अंधेरी पश्चिम में वीरा देसाई रोड पर हुई। अंबोली पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज की गई और युवक को मेडिकल जांच के लिए हिरासत में लिया गया, उसकी कार को भी मुंबई पुलिस ने आगे की जांच के लिए हिरासत में ले लिया है।"

 राहिल पर क्या धाराएं लगी हैं, क्या होगी सजा
BNS धारा 79 – महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाना
अपराध का प्रकार: संज्ञेय (Cognizable) और जमानती (Bailable)
सज़ा:अधिकतम 3 वर्ष की कैद, या जुर्माना, या,दोनों
BNS धारा 281 – सार्वजनिक मार्ग पर लापरवाही से वाहन चलाना
• अपराध का प्रकार: संज्ञेय नहीं (Non-cognizable) और जमानती (Bailable)
• सज़ा: 6 महीने तक की कैद, या 1000 रुपये तक जुर्माना, या दोनों
 
मोटर वाहन अधिनियम, 1988 की धारा 185 – नशे में वाहन चलाना
• सज़ा: पहली बार अपराध पर 6 महीने तक की कैद, या 2000 रुपये तक जुर्माना, या दोनों
दूसरी या अगली बार (तीन साल के भीतर)
• 2 साल तक की कैद, या
• 3000 रुपये तक जुर्माना, या दोनों
• नोट: साथ ही, ऐसे मामलों में ड्राइविंग लाइसेंस निलंबित (suspended) भी किया जा सकता है।