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'तुमसे ना हो पाएगा', उद्धव की शिवसेना ने फडणवीस सरकार के खिलाफ शुरू किया आंदोलन, जानें वजह

महाराष्ट्र में देवेंद्र फडणवीस सरकार को घेरने के लिए शिवसेना उद्धव ठाकरे ने मराठवाड़ा में 'तुमसे ना हो पाएगा' आंदोलन शुरू किया है। जानें क्या है ये आंदोलन, क्या है इसका मकसद?

उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस- India TV Hindi
उद्धव ठाकरे और देवेंद्र फडणवीस

महाराष्ट्र के मराठवाड़ा क्षेत्र में विकास कार्यों के वादे पूरे नहीं करने को लेकर शनिवार से हिंगोली में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने  देवेंद्र फडणवीस सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। 'तुमसे ना हो पाएगा' नाम से आयोजित इस प्रदर्शन का नेतृत्व विधान परिषद सदस्य और विधान परिषद में विपक्ष के पूर्व नेता अंबादास दानवे ने किया। हिंदी फिल्म से लिया गया यह वाक्य तुमसे ना हो पाएगा, किसी की अक्षमता और काम करने में असमर्थता पर तंज कसने के लिए इस्तेमाल किया जाता है।

क्यों हो रहा है आंदोलन?
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी शिवसेना का यह आंदोलन 17 सितंबर को होने वाले मराठवाड़ा मुक्ति दिवस की वर्षगांठ से पहले राज्य की 'महायुति' सरकार को घेरने के प्रयासों का हिस्सा है। मराठवाड़ा मुक्ति दिवस 1948 में क्षेत्र को हैदराबाद के निजाम के शासन से मुक्ति मिलने की याद में मनाया जाता है। यूबीटी नेता अंबादास दानवे ने प्रदर्शन के दौरान एक सभा को संबोधित करते हुए कहा, ''मुख्यमंत्री फडणवीस और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने महाराष्ट्र की जनता से विकास कार्यों के 780 वादे किए थे, लेकिन जिले के लिए किए गए इन वादों में से 1.5 प्रतिशत भी पूरे नहीं किए गए हैं।''

दानवे ने फडणवीस सरकार पर लगाया आरोप
दानवे ने देवेंद्र फडणवीस सरकार पर आरोप लगाया कि, ''इस सरकार ने राजनीतिक रूप से जिले का इस्तेमाल किया लेकिन विकास के लिए कुछ नहीं किया।'' शिवसेना उद्धव ठाकरे गुट के नेता ने दावा किया कि राज्य में सबसे अधिक मराठवाड़ा के किसान आत्महत्याएं करते हैं। दानवे ने कहा कि मुक्ति के बाद मराठवाड़ा बिना किसी शर्त के महाराष्ट्र में शामिल हुआ था, लेकिन इसके बावजूद वह अब भी अन्याय झेल रहा है। दानवे ने पार्टी की मांगों को लेकर 'रेजिडेंट कलेक्टर' प्रतीक्षा भुते को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन सौंपने से पहले दानवे ने कहा, ''यह जन आंदोलन 17 सितंबर को छत्रपति संभाजीनगर में उद्धव ठाकरे की मौजूदगी में समाप्त होगा।''