मुंबई में आज (शनिवार को) एक कार्यक्रम में शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने प्रशांत भूषण के ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन के बयान का समर्थन किया। वाई. बी. चव्हाण सेंटर के रंगस्वर सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में उद्धव ठाकरे ने कहा कि अगर चुनाव के जरिए अपनी राय व्यक्त करने और आंदोलन करने का अधिकार छीना जा रहा है, तो हम इस सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए ही खड़े हैं।
उद्धव ने पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल
इस दौरान, उद्धव ठाकरे ने दिल्ली में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उन्होंने लोकतंत्र की रक्षा के लिए सामूहिक प्रयास की अपील करते हुए कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का काम नहीं है। सभी को मिलकर लोकतंत्र बचाने की लड़ाई लड़नी होगी, वरना सभी डूब जाएंगे।
जरा हमने कुछ कहा और आप हमें क्या कह रहे हैं? देशद्रोही! अब मुझे लगता है कि प्रशांत भूषण ने जो ‘रेजीम चेंज’ यानी सत्ता परिवर्तन की बात कही थी, वही मुद्दा है। हां, हम सत्ता परिवर्तन के लिए ही खड़े हैं। अगर आप चुनाव के माध्यम से हमें अपनी राय व्यक्त करने का अधिकार छीन रहे हैं, आंदोलन करने का अधिकार छीन रहे हैं, तो हम इस सत्ता को उखाड़ फेंकने के लिए ही खड़े हैं। इसमें क्या गलत है: उद्धव ठाकरे
सत्ता परिवर्तन के लिए उठनी ही चाहिए आवाज
उद्धव ठाकरे आगे बोले कि अगर आप यह सवाल पूछने वाले हैं कि ये लोग सत्ता परिवर्तन करना चाहते हैं, तो मेरा भी आपसे एक सवाल है कि आपने दिल्ली में हजारों पुलिसकर्मियों को लाकर क्यों तैनात किया है? क्या उन्हें नवरात्रि में डांडिया खेलने के लिए बुलाया है? ऐसी राजवट के खिलाफ आवाज उठनी ही चाहिए और इसी उद्देश्य से हम सब एक साथ खड़े हैं।
गोवर्धन पर्वत उठाने में सबका सहयोग जरूरी
शिवसेना (UBT) प्रमुख उद्धव ठाकरे ने कहा कि यह गोवर्धन है। यह किसी एक-दो लोगों का काम नहीं है। किसी एक व्यक्ति की कलम अकेले कुछ नहीं कर सकती। जैसे गोवर्धन पर्वत उठाने में सभी का योगदान था, किसी ने उंगली लगाई थी, किसी ने हाथ लगाया था और किसी ने अपना सहयोग दिया था, उसी तरह अगर आप सभी लोकतंत्र को बचाने की इस लड़ाई में अपना योगदान देंगे, तो हम सब मिलकर लोकतंत्र के इस गोवर्धन पर्वत को ऊपर उठा सकेंगे। नहीं तो समझ लीजिए कि हम सब डूब जाएंगे। हम सब डूब जाएंगे। यही हमारा सिद्धांत है। इससे पहले हाल में उद्धव ठाकरे की शिवसेना ने फडणवीस सरकार के खिलाफ 'तुमसे ना हो पाएगा' आंदोलन भी शुरू किया था।
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