A
  1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 'सरकारी इंजीनियरों को लगता है कि चल जाता है', नितिन गडकरी ने वकीलों और आर्किटेक्टों पर भी कसा तंज

'सरकारी इंजीनियरों को लगता है कि चल जाता है', नितिन गडकरी ने वकीलों और आर्किटेक्टों पर भी कसा तंज

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स द्वारा नागपुर में आयोजित फोरेंसिक सिविल इंजीनियरिंग पर अखिल भारतीय संगोष्ठी कार्यक्रम में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने वकीलों और आर्किटेक्टों पर जमकर तंज कसा।

नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए नितिन गडकरी। - India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT नागपुर में आयोजित कार्यक्रम में शामिल हुए नितिन गडकरी।

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नागपुर में इंस्टीट्यूशन ऑफ इंजीनियर्स द्वारा फोरेंसिक सिविल इंजीनियरिंग पर अखिल भारतीय संगोष्ठी का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि एक बात जरूर है, इंजीनियरिंग में लगातार काफी डेवलपमेंट हो रही है। विशेष रूप से सिविल इंजीनियरिंग में जो डेवलपमेंट हुई है, उसके आप लोग साक्षी हैं। उन्होंने कहा कि एक बात सिखाई नहीं जाती उसकी कहीं ना कहीं कमी है। ऐसा मुझे लगता है, अक्सर सरकारी काम करने वाले इंजीनियरों में यह देखने को मिलता। 

क्वालिटी इम्प्रूव करने की आवश्यकता

नितिन गडकरी ने कहा कि सरकारी इंजीनियरों को लगता है कि 'चल जाता है'। इस 'चल जाता है' वाली बात ने काफी काम बिगड़ा है। हमें कंस्ट्रक्शन की कॉस्ट को कम करने की आवश्यकता है, लेकिन कंस्ट्रक्शन की क्वालिटी को इम्प्रूव करने की भी आवश्यकता है। दुर्भाग्यवश क्वालिटी आफ कंस्ट्रक्शन को लेकर कई कारण हैं। हम लोग भी उसके लिए जिम्मेदार हैं इसमें पॉलीटिशियंस, मंत्री भी हैं। लेकिन इंजीनियरों का काम एथिक्स के हिसाब से उनका कोई भी काम क्वालिटी स्टैंडर्ड के नीचे नहीं होना चाहिए। ऐसा काम करना चाहिए। यह उनके एथिक्स से जुड़ी हुई बात है।

वकील और आर्किटेक्ट पर कसा तंज 

वहीं केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने वकील और आर्किटेक्ट पर भी तंज कसा। उन्होंने कहा कि बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन और रोड कंस्ट्रक्शन में 100 फोटो दिखा दो, मैं एक मिनट में बता दूंगा कि कौन सी गवर्नमेंट की है और कौन सी प्राइवेट है। दुर्भाग्य की बात है कि जिस वकील की प्रैक्टिस नहीं चलती, वह सरकारी वकील बनने के यह हमारे घरों के चक्कर मारते हैं। जिस आर्किटेक्ट की प्रैक्टिस नहीं कर चलती, वह सरकार में नौकरी करता है, इसमें कुछ अच्छे भी होंगे। इसमें सरकार ने भी कुछ ऐसे नियम बनाकर रखे हैं कि कुछ इन्नोवेटिव बनाओगे तो नहीं चलेगा। तुमको किसने बोला, क्यों कर रहे हो, इन सब छोटी-छोटी बातों का ओवरऑल इंपैक्ट होता है।

यह भी पढ़ें-

तेजस्वी ने नीतीश और चिराग को दिया झटका, कई बड़े दिग्गज RJD में हुए शामिल

क्या जनसुराज से चुनाव लड़ेंगी पवन सिंह की पत्नी? जानें प्रशांत किशोर से मुलाकात के बाद क्या बोलीं ज्योति सिंह