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नागपुर हिंसा में 2 घायलों के पीछे क्या है कहानी? परिजनों को अभी तक नहीं हो रहा यकीन

नागपुर में हिंसा के दौरान इरफान अंसारी और यूनुस खान गंभीर रूप से घायल हो गए। इरफान के साथ ट्रेन पकड़ने के लिए निकलते समय दुर्घटना हुई, जबकि यूनुस दूध खरीदने गए थे। दोनों का अस्पताल में इलाज चल रहा है।

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Image Source : PTI नागपुर में उपद्रवियों ने जमकर आगजनी और हिंसा की थी।

नागपुर: महाराष्ट्र के नागपुर में हिंसा से प्रभावित होने वाले लोगों के परिजनों को उनकी जिंदगी में अचानक आए तूफान ने झकझोर कर रख दिया है। उनके लिए यह समझना मुश्किल है कि कैसे उनके अपने अस्पतालों में पहुंच गए और अब अपने जीवन के लिए संघर्ष कर रहे हैं। बड़े नवाज नगर के निवासी इमरान अंसारी अपने बड़े भाई इरफान अंसारी की गंभीर दशा को लेकर सदमे में हैं। पेशे से ‘वेल्डर’ इरफान को नागपुर रेलवे स्टेशन से रात एक बजे इटारसी जाने वाली ट्रेन पकड़नी थी। ट्रेन पकड़ने के लिए वह सोमवार रात करीब 11 बजे घर से निकले थे।

ट्रेन पकड़ने के पहले ही अस्पताल पहुंच गए इरफान

नागपुर रेलवे स्टेशन, जहां से इरफान ट्रेन पकड़ने वाले थे, का इलाका हिंसा की चपेट में था। यह हिंसा छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर विश्व हिंदू परिषद (VHP) के विरोध प्रदर्शन से भड़की थी। परिवार को इंदिरा गांधी राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल (IGGMCH) से फोन के जरिए सूचना मिली कि एक दुर्घटना के बाद इरफान को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इमरान ने मंगलवार को बताया कि उनके भाई के सिर में गंभीर चोटें आई हैं और एक पैर ‘फ्रैक्चर’ हो गया है। उन्होंने बताया कि वह फिलहाल ICU में हैं।

हंसपुरी में दूध खरीदने गया था 17 साल का यूनुस

इरफान की ही तरह 12वीं कक्षा के 17 वर्षीय छात्र रज़ा यूनुस खान का भी अस्पताल में इलाज किया जा रहा है। मोमिनपुरा के पास गार्ड लाइन में रहने वाले खान को उनकी मां ने सुबह की सहरी के लिए दूध और दही खरीदने के मकसद से रात करीब 10:30 बजे पास के बाजार में भेजा था। रात करीब 11:30 बजे IGGMCH से सूचना मिली कि उनके बेटे को गंभीर हालत में इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया हैं। उसकी मां ने बताया कि उनका बेटा हिंसा प्रभावित हंसपुरी में दूध खरीदने गया था। खान को बाद में एक प्राइवेट अस्पताल में ट्रांसफर कर दिया गया, जहां वह वेंटिलेटर पर है।

महल इलाके में सोमवार को भड़क उठी थी हिंसा

रिपोर्ट्स के मुताबिक, यूनुस खान के परिवार को भी उनके इलाके में हो रहे बवाल के बारे में पता नहीं था और वे इस बात से हैरान हैं कि उनके बेटे को इतनी गंभीर चोटें कैसे आईं। मध्य नागपुर के महल इलाके में सोमवार शाम करीब 07:30 बजे हिंसा भड़क उठी, जिसमें पुलिस पर पथराव किया गया। इलाके में यह अफवाह फैली कि छत्रपति संभाजीनगर जिले में स्थित औरंगजेब की कब्र को हटाने की मांग को लेकर VHP के आंदोलन के दौरान एक समुदाय के धर्म ग्रंथ को जला दिया गया।