1. Hindi News
  2. महाराष्ट्र
  3. 14 बच्चों को जन्म देने वाली 45 साल महिला ने पैसे के लिए 6 बच्चे बेच डाली, जांच के लिए बनी कमेटी; जानें पूरा मामला

14 बच्चों को जन्म देने वाली 45 साल महिला ने पैसे के लिए 6 बच्चे बेच डाली, जांच के लिए बनी कमेटी; जानें पूरा मामला

महाराष्ट्र के नासिक में 45 वर्षीय महिला ने 14 बच्चों को जन्म के बाद आर्थिक स्थिति कमजोर होने के चलते 6 बच्चों को बेच दिया। मामला सामने आने के बाद जांच समिति गठित की गई है। पुलिस और प्रशासन बच्चों की खोज में लगा है।

महिला के बच्चों की तस्वीर- India TV Hindi
Image Source : REPORTER महिला के बच्चों की तस्वीर

नासिकः महाराष्ट्र के नासिक में एक महिला ने 2 या 3 नहीं बल्कि पूरे 14 बच्चों को जन्म दिया। 45 साल की उम्र में यह महिला 14 बच्चों की मां बन गई। इस मां ने 14 बच्चों के साथ एक हैरान करने वाला काम किया। आरोप है कि महिला ने पैसे के लिए अपने छह बच्चों को बेच दिया। जानकारी के मुताबिक नाशिक के त्र्यंबकेश्वर तालुका के टाके देगांव स्थित बरड्याची वाडी और वावीहर्ष पाड़े में रहने वाली 45 वर्षीय आदिवासी महिला बच्चूबाई हंडोगे ने अब तक 14 बच्चों को जन्म दिया है।

आर्थिक समस्याओं और बच्चों की बीमारी में उचित इलाज न मिल पाने के कारण इन 14 बच्चों में से 6 बच्चों को बेचने का शक स्थानीय सामाजिक कार्यकर्ता ने जताया है। पैसों के लिए अपने ही बच्चे को बेचने की आशंका ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी। इसके बाद स्थानीय प्रशासन भी हरकत में आ गया।

जांच में हुआ बड़ा खुलासा

बताया जा रहा है कि 10 अक्टूबर 2025 को इस महिला को एक लड़का हुआ, जिसका वजन कम होने से स्वास्थ्य विभाग द्वारा आशा (सामाजिक संस्था) कार्यकर्ता के माध्यम से नियमित स्वास्थ्य जांच की जा रही थी। लेकिन आशा सेविका को पता चला कि बच्चे की देखभाल न होने के कारण महिला ने नवजात को बेच दिया है। जब आशा सेविका नियमित जांच के लिए गई तो महिला ने बताया कि उसने बच्चा किसी को दे दिया है। सामाजिक संस्थाओं इसके पहले भी 2-3 बच्चों को इसी तरह देने-बेचने की जानकारी मिली। 

पुलिस की तीन टीमें जांच में जुटी

फिलहाल इस पूरे प्रकरण में बच्चों के माता-पिता की मानें तो उन्होंने हाल ही में हुए एक बच्चे को बेचने के बजाय रिश्तेदारों को गोद दे दिया है। हालांकि, उस बच्चे को कोई चिकित्सा उपचार नहीं मिला। अब इस मामले में जिला प्रशासन एक समिति का गठन किया है और जिला कलेक्टर ने भी इस समिति के माध्यम से पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं। घोटी पुलिस ने इन बच्चों की तलाश के लिए शाहपुर, ठाणे और अन्य क्षेत्रों में तीन टीमें तुरंत भेजी हैं।  

कैसे हुआ मामला का खुलासा

दरअसल, एक कार्यक्रम के तहत आशा वर्कर्स नवजात बच्चों के घर जाकर उनकी जांच करती हैं। ग्रामीण अस्पताल में एक महिला की 14 बार डिलीवरी हो चुकी है। हाल ही में एक बच्चे का जन्म के बाद उसका वजन कम था। जब आशा वर्कर्स जांच के लिए जब वहां पहुंची तो पता चला बच्चा उस महिला के पास नहीं था और उसने कहा कि उसने किसी को दे दिया।