A
  1. Hindi News
  2. नॉर्थ ईस्ट
  3. मणिपुर
  4. मणिपुर में सुरक्षाबलों ने 114 हथियार बरामद किए, खुफिया जानकारी के आधार पर हुई कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षाबलों ने 114 हथियार बरामद किए, खुफिया जानकारी के आधार पर हुई कार्रवाई

मणिपुर में सुरक्षाबलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर ऑपरेशन चलाकर 114 हथियार, IED, ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए। इससे पहले, 2 हफ्ते में लोगों ने 1,000 से ज्यादा हथियार स्वेच्छा से सुरक्षाबलों को सौंपे थे।

Manipur News, Manipur Governor, Imphal Arms Surrender- India TV Hindi
Image Source : X.COM/MANIPUR_POLICE मणिपुर में सुरक्षाबलों ने भारी मात्रा में हथियार बरामद किए हैं।

इम्फाल: मणिपुर में सुरक्षाबलों ने एक बड़ा ऑपरेशन चलाकर 114 हथियार, परिष्कृत विस्फोटक उपकरण यानी कि IED, ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए हैं। एक आधिकारिक बयान में शनिवार को इस बारे में जानकारी देते हुए कहा गया कि यह कार्रवाई खुफिया जानकारी के आधार पर की गई। बता दें कि यह ऑपरेशन 2 हफ्ते की उस अवधि के समाप्त होने के बाद चलाया गया जिसमें लोगों को लूटे और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को स्वेच्छा से जमा करने का मौका दिया गया था। 2 हफ्ते की इस अवधि में सैकड़ों लोगों ने सुरक्षाबलों के पास लूटे गए हथियार जमा कराए थे।

सुरक्षाबलों को स्वेच्छा से सौंपे गए एक हजार से ज्यादा हथियार

शनिवार को जारी एक बयान में कहा गया कि सुरक्षाबलों ने खुफिया जानकारी के आधार पर मणिपुर के पहाड़ी और घाटी जिलों बिष्णुपुर, सेनापति, थौबल, जिरीबाम, चंदेल, चुराचांदपुर, कांगपोकपी, इंफाल पूर्व और इंफाल पश्चिम में ऑपरेशन चलाया था। इस ऑपरेशन के दौरान कुल 114 हथियार, IED, ग्रेनेड और गोला-बारूद बरामद किए गए। एक सीनियर पुलिस अधिकारी ने शुक्रवार को बताया कि मणिपुर के अलग-अलग जिलों में लोगों ने गवर्नर अजय कुमार भल्ला की अपील पर गौर करते हुए 2 हफ्तों की समय-सीमा के दौरान एक हजार से ज्यादा हथियार और गोला-बारूद स्वेच्छा से सुरक्षाबलों को सौंपे थे। 

6 मार्च को खत्म हो गई हथियार जमा करने की समयसीमा

बता दें कि मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला ने 20 फरवरी को हिंसा में शामिल गुटों से आग्रह किया था कि वे सुरक्षा बलों से लूटे गए और अवैध रूप से रखे गए हथियारों को 7 दिन के भीतर स्वेच्छा से सौंप दें। बाद में लोगों की मांग पर इस समय-सीमा को बढ़ाकर 6 मार्च शाम 4 बजे तक कर दिया गया था। प्रशासन ने यह आश्वासन दिया था कि इस अवधि में हथियार सौंपने वाले लोगों के खिलाफ कोई दंडात्मक कार्रवाई नहीं की जाएगी। इस अवधि के समाप्त होते ही दंडात्मक कार्रवाई से मिलने वाली छूट समाप्त हो गई है। अब सुरक्षाबलों ने लूटे गए हथियारों को ढूंढ़ने के लिए छापेमारी शुरू कर दी है।