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10 साल के श्रवण को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार, ऑपरेशन सिंदूर में किया था ऐसा काम, जिसे जानकर सीना हो जाएगा चौड़ा

10 साल के श्रवण सिंह को राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिलने के बाद सीएम भगवंत मान ने तारीफ में कसीदे पढ़े हैं। सीएम मान ने कहा कि 10 साल का श्रवण सिंह पंजाबियों के लिए बड़े गर्व की बात है।

श्रवण सिंह को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT श्रवण सिंह को मिला राष्ट्रीय बाल पुरस्कार

पंजाब के युवा नायक श्रवण सिंह को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार 2025 से सम्मानित किया है। ये साहसी बच्चा पंजाब के सरहदी जिला फिरोजपुर सीमावर्ती गांव चक तरां वाली का रहने वाला है। श्रवण सिंह को राष्ट्रपति द्वारा शुक्रवार को विज्ञान भवन, नई दिल्ली में पुरस्कृत किया गया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि ये पंजाबियों के लिए बड़े गर्व की बात है।  

देश के प्रति हौसले और जज़्बे को सलाम 

सीएम मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, 'हमारे गुरुओं द्वारा दी गई शिक्षाओं पर चलते हुए ऑपरेशन सिंदूर के दौरान श्रवण सिंह ने घर से चाय-पानी और भोजन लाकर सैनिकों की जो सेवा की, वह काबिल-ए-तारीफ है। बच्चे के देश के प्रति हौसले और जज़्बे को सलाम है।'

सैनिकों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की

बता दें कि ​श्रवण सिंह को मई 2025 में 'ऑपरेशन सिंदूर' के दौरान उनके असाधारण साहस, सूझबूझ और निस्वार्थ सेवा के लिए पहचाना गया है। भारत-पाकिस्तान सीमा पर अत्यधिक तनावपूर्ण परिस्थितियों के बीच, श्रवण सिंह ने तैनात सैनिकों को महत्वपूर्ण सहायता प्रदान की थी। 

सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी और चाय पहुंचाई

दुश्मन के ड्रोनों की निरंतर घुसपैठ और भारी तनाव के माहौल में, देशभक्ति के जज्बे से ओत-प्रोत होकर श्रवण प्रतिदिन अग्रिम चौकियों तक जाते थे। वे सैनिकों के लिए पानी, दूध, लस्सी, चाय और बर्फ जैसी आवश्यक सामग्री पहुंचाते थे। 

सेना की तरफ से श्रवण की कराई जा रही पढ़ाई

दुश्मन की सीधी निगरानी और हमले के निरंतर खतरे के बावजूद, उनके अटूट संकल्प ने लंबे समय से तैनात सैनिकों के लिए जल-आपूर्ति और मनोबल बढ़ाने में एक महत्वपूर्ण जीवन रेखा (लाइफलाइन) के रूप में काम किया। इसको लेकर सेना की तरफ से पहले सम्मानित किया जा चुका है। सेना की तरफ से श्रवण की पढ़ाई भी करवाई जा रही है। 

राजेश कटारिया की रिपोर्ट