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'पंजाब में अब CISF की जरूरत नहीं', बोले भगवंत मान, सीएम ने बताया 10 लाख फ्री इलाज के लिए क्या डॉक्यूमेंट देने होंगे

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पंजाबियों को 10 लाख रुपये तक फ्री में इलाज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि इसकी सुविधा 500 से ज्यादा निजी अस्पतालों में भी मिलेगी।

सीएम भगवंत मान- India TV Hindi
Image Source : X@BHAGWANTMANN सीएम भगवंत मान

चंडीगढ़ः पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को कहा कि 10 लाख रुपये तक का मुफ्त इलाज उनकी सरकार हर नागरिकों को देने जा रही है। अगर पंजाब का नागरिक है तो सिर्फ आधार कार्ड और वोटर कार्ड होना चाहिए। इसके अलावा मरीज को कुछ भी देने की आवश्यकता नहीं है। इसके बाद जो कुछ देना है पंजाब सरकार को देना है। 

552 निजी अस्पतालों में भी मिलेगा फ्री में इलाज

मुख्यमंत्री मान ने बताया कि 552 निजी अस्पतालों को इस स्कीम में शामिल किया गया है। सभी सरकारी अस्पताल भी इस स्कीम में हैं। नारी शक्ति के लिए हम एक और कदम उठाने जा रहे हैं। पंच सरपंच को हजूर साहिब नांदेड़ के दर्शन करवाएंगे और जो खर्चा आएगा वह पंजाब सरकार उठायेगी।

पंजाब में अब CISF की जरूरत नहींः मान

भगवंत मान ने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के समय में क़ानून पास हुआ था कि CISF पंजाब में आ सकती है। कल हम पंजाब विधानसभा में रिज़्यूल्यूशन ला रहे हैं कि हमें CISF की जरूरत नहीं है। सुरक्षा के लिए हमारी पंजाब पुलिस काफ़ी है। 

विधानसभा में पेश होगा बेअदबी बिल

उन्होंने कहा कि कल विधानसभा में बेअदबी बिल पेश किया जाएगा। उसके बाद इसे कंसेंट कमेटी के पास भेजा जाएगा। धार्मिक लोगों को भी राय ली जाएगी। कल प्रताप सिंह बजवा को विधानसभा में आईना दिखाऊंगा कि वो क्या क्या करते रहे हैं।

मंगलवार को लांच हुई मुख्यमंत्री सेहत योजना

बता दें कि पंजाब में मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में 10 लाख रुपये तक मुफ्त इलाज मिलता है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को चंडीगढ़ में इस योजना का शुभारंभ किया और वादा किया कि प्रत्येक पंजाबी परिवार को सरकारी और निजी अस्पतालों में प्रति वर्ष 10 लाख रुपये तक मुफ्त और कैशलेस चिकित्सा उपचार का अधिकार होगा। इस योजना का उद्देश्य पंजाब भर के लगभग 3 करोड़ लोगों को लाभान्वित करना है, जिसमें सरकारी कर्मचारियों और पेंशनभोगियों सहित स्थायी निवासी शामिल हैं।