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BJP ने नशे के मुद्दे पर भगवंत मान सरकार को घेरा, की ड्रग सेंसस रिपोर्ट पब्लिक करने की मांग

विधानसभा चुनाव से पहले नशे की समस्या को लेकर भगवंत मान सरकार घिर गई है। बीजेपी ने भगवंत मान की सरकार से ड्रग सेंसस की रिपोर्ट पब्लिक करने की डिमांड की।

Punjab Drug Census- India TV Hindi
Image Source : BJP PUNJAB@X बीजेपी ने नशे के मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा।

पंजाब में नशे की समस्या को लेकर कराए गए ड्रग सेंसस की रिपोर्ट पब्लिक नहीं होने पर राजनीतिक विवाद गहरा गया है। बीजेपी ने आज (गुरवार को) भगवंत मान की सरकार से उस सर्वे की रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की,  जो भगवंत मान ने नशे की समस्या से निपटने के मकसद से करवाया था। भगवंत मान ने इसी साल ये सर्वे करवाया था। 28 हजार सरकारी कर्मचारी घर-घर गए, 65 लाख परिवारों से बात की गई। ये पता लगाया गया कि किन परिवारों के कितने लोग नशे की गिरफ्त में हैं। उन्हें नशा कहां से मिलता है। कितने लोगों के रिहैबिलिएट करने की जरूरत है।

नशे के मुद्दे पर बुरी तरह घिरी भगवंत मान सरकार

बता दें कि विधानसभा चुनाव से पहले नशे के मुद्दे पर पंजाब की भगवंत मान सरकार बुरी तरह घिरी हुई है। बीजेपी ने आज ड्रग सेंसस को लेकर पंजाब सरकार को घेरा। बीजेपी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने पूछा कि 250 करोड़ रुपये खर्च करके पंजाब सरकार ने ड्रग सेंसस क्यों कराया। जब उसकी रिपोर्ट ही सार्वजनिक नहीं की गई।

सुनील जाखड़ ने लगाया सरकारी खजाने की लूट का आरोप

बीजेपी का आरोप है कि नशे को लेकर जो सर्वे कराया गया, उसमें भगवंत मान सरकार ने सूबे के 28 हजार सरकारी कर्मचारियों को लगाया। 65 लाख परिवारों तक सर्वे कराया। बीजेपी ने पूछा कि आखिर इसके पीछे सरकार की मंशा क्या थी। इससे पंजाब के लोगों को क्या फायदा होगा। सुनील जाखड़ ने आरोप लगाया कि सर्वे के बहाने सरकारी खजाने को लूटा गया। बीजेपी अब सेंट्रल गवर्नमेंट से इस मामले में CBI और NIA जांच कराने की मांग कर रही है।

क्या है पंजाब का ड्रग सेंसस?

पंजाब की सरकार ने राज्य में नशे की प्रॉब्लम की हकीकत का आकलन करने और नशे की सप्लाई चेन से जुड़ी जानकारी जुटाने के लिए ड्रग सेंसस ड्राइव शुरू की थी। वर्ष 2025 में इस ऑपरेशन के लिए 150 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किए जाने की बात सामने आई थी। इसके तहत करीब 28 हजार सरकारी कर्मचारियों की मदद से पंजाब के लगभग 65 लाख परिवारों तक पहुंचकर सर्वे करने का टारगेट रखा गया। इस ऑपरेशन की शुरुआत 5 मई 2026 से हुई। सर्वे में सरकारी और Contract पर कार्यरत शिक्षकों के साथ कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी शामिल किया गया। इससे पहले हाल में पंजाब में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि ड्रग्स माफिया को पाताल से ढूंढकर निकालेंगे।

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