सीएम भगवंत मान ने राष्ट्रपति से की मुलाकात, राघव चड्ढा समेत 6 राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता रद्द करने की मांग की
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने राष्ट्रपति भवन में पंजाब के सभी विधायकों के हस्ताक्षर वाला ज्ञापन सौंपा है। राष्ट्रपति से कार्रवाई की अपील की है।

पंजाब में दल-बदल की लड़ाई को मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान आज सर्वोच्च संवैधानिक पद तक ले गए। सीएम मान ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात की। उन्होंने राघव चड्ढा समेत दल-बदल करने वाले 6 राज्यसभा सदस्यों की सदस्यता तुरंत रद्द करने की मांग की। पार्टी की एकजुटता का प्रदर्शन करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान पंजाब के विधायकों के साथ दिल्ली पहुंचे और राष्ट्रपति भवन में हस्ताक्षरित ज्ञापन सौंपा, जिसमें कहा गया कि पंजाब में केवल दो विधायक होने के बावजूद भाजपा के राज्यसभा सदस्यों की संख्या में नाटकीय वृद्धि लोकतांत्रिक आदेश का स्पष्ट उल्लंघन दर्शाती है।
सात सांसदों को ‘इलेक्टेड नहीं, बल्कि सेलेक्टेड’ बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उनके दल-बदल को पंजाब के साथ विश्वासघात करार दिया। उन्होंने इन सदस्यों को इस्तीफा देने और नया जनादेश लेने की चुनौती दी और चेतावनी दी कि न तो केंद्रीय एजेंसियां और न ही राजनीतिक ताकत गलत कामों को बचा सकेंगी। उन्होंने घोषणा की कि ‘ऑपरेशन लोटस’ जैसे प्रयास पंजाब में कभी सफल नहीं होंगे क्योंकि पंजाब कभी भी विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करता।
‘लोकतंत्र के कत्ल’ के खिलाफ आवाज उठाई
अपने सोशल मीडिया अकाउंट एक्स पर बैठक के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'आज दिल्ली में माननीय राष्ट्रपति के सामने हमने देश में हो रहे ‘लोकतंत्र के कत्ल’ के खिलाफ अपनी आवाज मजबूती से उठाई। राजनीतिक दलों को असंवैधानिक तरीके से तोड़ना और भाजपा की ‘वॉशिंग मशीन’ में दागी नेताओं को साफ करने के लिए ईडी और सीबीआई जैसी केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग हमारे लोकतांत्रिक ढांचे पर सीधा हमला है।'
‘ऑपरेशन लोटस’ की घिनौनी चालें नहीं होंगी सफल
उन्होंने पोस्ट में लिखा कि हमने यह बिल्कुल स्पष्ट कर दिया है कि ‘ऑपरेशन लोटस’ की घिनौनी चालें पंजाब में कभी सफल नहीं होंगी। हमारे विधायक लाखों पंजाबियों की आवाज हैं और पंजाब के लोग कभी भी विश्वासघात बर्दाश्त नहीं करेंगे। ‘आपका जन सेवक’ होने के नाते, मैं हर पंजाबी को विश्वास दिलाता हूं कि हम लोगों के जनादेश की रक्षा और संवैधानिक मूल्यों को बनाए रखने के लिए अपने अंतिम सांस तक लड़ेंगे।'
ये है संविधान का मजाक
राष्ट्रपति से मुलाकात के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'राज्यसभा के सात सदस्यों के दल-बदल से लोकतंत्र का कत्ल हुआ है। यह असंवैधानिक है क्योंकि या तो पूरी पार्टी को प्रस्ताव पास करना चाहिए था, लेकिन इन सात सांसदों ने असंवैधानिक तरीके से अपनी निष्ठा बदल ली, जिससे लोकतंत्र का मजाक उड़ाया गया।' उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा के पास दो विधायक हैं लेकिन सात राज्यसभा सांसद हैं, जो संविधान का मजाक है। इन सांसदों को उस नई पार्टी में शामिल होने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था, जिसकी वे पहले निंदा करते थे।'
व्यवस्था में सुधार की मांग उठाते हुए मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा, 'संविधान में संशोधन किया जाना चाहिए ताकि सांसद को वापस बुलाने का प्रावधान किया जा सके, जैसा कि राघव चड्ढा मांग करते रहे थे ताकि इन सांसदों को देशद्रोह के लिए सजा दी जा सके।'
भविष्य में भी उनके खिलाफ होगी कार्रवाई
उन्होंने जोर देकर कहा, 'पंजाबी इस तरह पीठ में छुरा मारना बर्दाश्त नहीं करते और उन्हें प्रदेश के लोग सजा देंगे। ये नेता अब उलझे हुए हैं, जिसके कारण वे बेतुके बयान दे रहे हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'भाजपा में शामिल होने का मतलब यह नहीं है कि इन नेताओं को बुरे कामों के लिए दोषी नहीं ठहराया जा सकता। चाहे उनके पापों के बारे में बाद में रिपोर्ट आएं, लेकिन भविष्य में भी उनके खिलाफ कार्रवाई होगी।'
मित्तल के ठिकानों पर कुछ दिन पहले ED की छापेमारी
जवाबदेही के बारे में दृढ़ रुख अपनाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'भाजपा की ढाल उन्हें दूसरे राज्यों में कानून के जाल से तो बचा सकती है, लेकिन पंजाब में नहीं। इन नेताओं को पंजाबियों को धमकाने से बाज आना चाहिए क्योंकि पंजाबी उन्हें उनकी असली स्थिति दिखा देंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'लोगों के प्रतिनिधियों द्वारा चुने गए इन नेताओं को पंजाब के लोगों की पीठ में छुरा मारने के लिए सदन से बर्खास्त कर देना चाहिए।' उन्होंने टिप्पणी की, 'भाजपा केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करके देश के संविधान का उल्लंघन कर रही है। यह विडंबना है कि उसी अशोक मित्तल को भाजपा ने जेड प्लस सुरक्षा प्रदान की, जिसके ठिकानों पर कुछ दिन पहले ईडी ने छापे मारे थे।'
भाजपा में शामिल होकर बेतुकी बातें करने लगे राघव चड्ढा
दल-बदल के हालात के बारे में उन्होंने कहा, 'यह भाजपा की बांह मरोड़ने वाली रणनीति है। राघव चड्ढा, जो कहा करते थे कि भाजपा बिना डिटर्जेंट वाली वॉशिंग मशीन है, जहां राजनीतिक नेताओं के पाप धोए जाते हैं, अब उसी पार्टी से हाथ मिला रहा है।' उन्होंने आगे कहा, 'राघव चड्ढा भगवा पार्टी में शामिल होकर बेतुकी बातें करने लगे हैं। उन्हें भाजपा में शामिल होने से पहले इस्तीफा दे देना चाहिए था।' उन्होंने यह भी कहा, 'मैं संकट की इस घड़ी में पार्टी के साथ एकजुटता दिखाने के लिए विधायकों का धन्यवाद करता हूं। मैं इस शक्ति प्रदर्शन के लिए निजी तौर पर इन विधायकों का ऋणी हूं।'
जरूर सिखाया जाएगा सबक- सीएम मान
भाजपा की पंजाब के प्रति पहुंच पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'भाजपा को कभी भी पांच दरियाओं की इस धरती से जीतने का सपना नहीं देखना चाहिए। प्रदेश के लोग भाजपा के संदिग्ध चरित्र से अच्छी तरह वाकिफ हैं और वे इसे सबक जरूर सिखाएंगे।' उन्होंने आगे कहा, 'भले ही भाजपा कुछ राज्यों में मिली जीत से उत्साहित है, जहां तक पंजाब का सवाल है, प्रदेश और उसके लोगों के प्रति उसके अन्याय और सौतेले व्यवहार की कहानी बहुत लंबी है।' उन्होंने कहा, 'भाजपा पंजाब को पंजाब यूनिवर्सिटी, झाकी, चंडीगढ़, भाखड़ा बांध और हर दूसरे वैध अधिकार से वंचित करना चाहती है।'
किस मुंह से पंजाब आएगी भाजपा- सीएम मान
वित्तीय चिंताओं के संबंध में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'इन लोगों ने पंजाब के विकास को खतरे में डालने के लिए प्रदेश के वैध फंड रोक दिए हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'हवाई किले बनाने के बजाय भाजपा नेतृत्व को यह भूल जाना चाहिए कि वह कभी पंजाब में सत्ता संभालेगा। पंजाब और पंजाबियों के खिलाफ किए गए गुनाह माफ नहीं किए जा सकते।' उन्होंने टिप्पणी की, 'भाजपा किस मुंह से पंजाब आएगी, जब उसके नेताओं ने कभी प्रदेश और उसके लोगों के मुद्दे नहीं उठाए? पंजाब के बहादुर और समझदार लोग भाजपा के बुरे कामों को कभी नहीं भूलेंगे और उसे उचित सबक सिखाएंगे।'
भाजपा के पास पंजाब में सिर्फ 2 विधायक- सीएम मान
राजनीतिक वास्तविकता की पहचान कराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'भाजपा के पास इस समय प्रदेश में दो विधायक हैं, लेकिन जिस तरह से वह शेखी बघार रहे हैं, इससे उनकी सीटें शून्य हो सकती हैं।' उन्होंने आगे कहा, 'पंजाबी ऐसी तानाशाही चालों के आगे नहीं झुकते और हमेशा उन विभाजनकारी ताकतों को उचित सबक सिखाते हैं, जो पंजाब पर बलपूर्वक राज करना चाहती हैं।' उन्होंने कहा, 'जब से प्रदेश सरकार ने बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून बनाया है, भाजपा परेशान है क्योंकि वह पंजाब में अपने विभाजनकारी एजेंडे को आगे नहीं बढ़ा पाएगी।'
भाजपा को सबक सिखाएंगे पंजाबी
सरकार का रुख दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, 'पंजाब में बार-बार नकारने के बावजूद भाजपा ने डराने-धमकाने, लालच देने और दल-बदल के प्रयासों के माध्यम से भ्रष्टाचार मुक्त सरकार को कमजोर करने की कोशिशें करके प्रदेश के प्रति दुश्मनी वाला रवैया अपनाया है।' उन्होंने जोर देकर कहा, 'आप अपनी ताकत आम लोगों से प्राप्त करती है और एक सैद्धांतिक दृष्टिकोण से जुड़ी हुई है। ऐसी घिनौनी चालें लोकतंत्र में राजनीतिक जीत सुनिश्चित नहीं कर सकतीं। पंजाबी उन्हें उचित सबक सिखाएंगे।'
हमारा संघर्ष निरंतर जारी- सीएम मान
दिल्ली रवाना होने से पहले मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर कहा, 'पंजाब के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष निरंतर जारी है। आज, सभी ‘आप’ विधायकों के साथ हम पंजाब के महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार-विमर्श करने और राष्ट्रपति के सामने प्रदेश की मजबूत आवाज पेश करने के लिए निकले हैं। आपका जन सेवक होने के नाते हमारी सरकार पंजाब की खुशहाली सुनिश्चित करने और समाज के हर वर्ग के अधिकारों की रक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।'