पंजाब कांग्रेस प्रदेश प्रभारी भूपेश बघेल, प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग और विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने गुरुवार को बैठक की। पार्टी नेताओं की बैठक में पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता चरणजीत सिंह चन्नी शामिल नहीं थे। सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले पार्टी की प्रदेश इकाई में गुटबाजी को खत्म करने और चुनावी मैदान में उतरने की तैयारी के लिए अगले कुछ दिनों के भीतर कुछ बड़े फैसले ले सकती है।
राहुल गांधी के पंजाब आने से पहले हो सकता है फैसला
कांग्रेस सूत्रों का कहना है कि इस महीने के आखिर या अगले महीने राहुल गांधी पंजाब में बस यात्रा निकाल सकते हैं और इससे पहले पार्टी के भीतर 'गुटबाजी' पर विराम लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं। सूत्रों कहना है कि अगले कुछ दिनों के भीतर कुछ फैसले होंगे और सबकुछ ठीक कर लिया जाएगा। जानकारी के अनुसार, बस यात्रा के कार्यक्रम की रूपरेखा अभी तैयार नहीं हुई हैं, लेकिन इस संभावना पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है कि इसकी शुरुआत धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण शहर अमृतसर से हो।
चन्नी हैं नाराज
बता दें कि प्रदेश कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष पद पर बदलाव नहीं होने से चन्नी पिछले कुछ महीनों से नाराज बताए जा रहे हैं। यह भी कहा जा रहा है कि यदि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष के पद पर बदलाव का फैसला करती है तो प्रताप सिंह बाजवा को जिम्मेदारी दी जा सकती हैं। हालांकि बघेल ने पिछले दिनों कई मौकों पर यह स्पष्ट रूप से कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष के पद पर कोई बदलाव नहीं होगा। उन्होंने यहां तक कहा था कि प्रदेश अध्यक्ष पद पर बदलाव कोई 'गुड्डा-गुड्डी का खेल' नहीं है। पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव संभावित हैं।
बता दें कि पंजाब कांग्रेस में कलह खत्म करने के लिए कांग्रेस हाईकमान एक्टिव हो गया है। अभी हाल में ही दिल्ली में कांग्रेस महासचिव केसी वेणुगोपाल के साथ पंजाब कांग्रेस के इंचार्ज भूपेश बघेल की मीटिंग हुई थी। वहीं, भूपेश बघेल ने पंजाब पर अपनी रिपोर्ट केसी वेणुगोपाल को सौंपी थी। उन्होंने कहा था कि नाराज गुट को मनाने के लिए रास्ता निकलने पर भी विचार किया जा रहा है।
(भाषा इनपुट के साथ)
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