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"काम के घंटों के दौरान दफ्तर से गायब न रहें", कर्मचारियों को लेकर पंजाब सरकार की सख्त चेतावनी

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों को चेतावनी दी गई है कि हाजिरी लगाने के बाद ड्यूटी के समय बिना अनुमति दफ्तर से गायब रहना भारी पड़ सकता है। ऐसे कर्मचारियों पर 'काम नहीं तो वेतन नहीं' का नियम लागू होगा।

Punjab CM Bhagwant Mann- India TV Hindi
Image Source : PTI पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान

पंजाब सरकार ने सरकारी कर्मचारियों को लेकर चेतावनी दी है कि वे अपनी हाजरी लगाने के बाद काम के घंटों के दौरान दफ्तर से गायब न रहें। कार्मिक विभाग ने निर्देश जारी करते हुए कहा है कि बिना इजाजत गायब रहने पर 'काम नहीं तो वेतन नहीं' (No Work, No Pay) का नियम लागू होगा और उसी के अनुसार वेतन रोक दिया जाएगा। बिना इजाजत गायब पाए जाने वाले कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई भी की जाएगी। सभी प्रशासनिक विभागों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है।

बिहार में भी उपस्थिति के आधार पर वेतन भुगतान

कुछ महीने पहले बिहार सरकार की ओर से भी ऐसा ही आदेश जारी किया गया था। सरकारी कार्यालयों में समयपालन, जवाबदेही और कार्यसंस्कृति को मजबूत करने के उद्देश्य से राज्य के सभी सरकारी अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए बायोमेट्रिक हाजिरी अनिवार्य कर दी गई थी। यह व्यवस्था पंचायत स्तर से लेकर जिला स्तर तक के सभी सरकारी कार्यालयों में लागू की गई।

सामान्य प्रशासन विभाग की ओर से 01 जून को जारी आदेश के अनुसार, कर्मचारियों और अधिकारियों की उपस्थिति बिहार बायोमेट्रिक अटेंडेंस सिस्टम (बीबीएएस) के माध्यम से दर्ज की जाएगी। पंचायत, प्रखंड, अनुमंडल और जिला स्तर के कार्यालयों में कार्यरत सभी अधिकारी एवं कर्मचारी इसी प्रणाली से अपनी उपस्थिति दर्ज करेंगे।

सरकार के अनुसार, बायोमेट्रिक व्यवस्था से कर्मचारियों की उपस्थिति का वास्तविक और डिजिटल रिकॉर्ड उपलब्ध होगा और मानवीय हस्तक्षेप की संभावना कम होगी। सरकार का उद्देश्य कर्मचारियों का समय पर कार्यालय पहुंचना सुनिश्चित करने के साथ जवाबदेही और सरकारी कार्यों में पारदर्शिता बढ़ाना है।

देर से आने पर हो सकती है कार्रवाई

आदेश में कहा गया था कि सरकारी कार्यालयों में कर्मचारियों के देर से आने और समय से पहले कार्यालय छोड़ने की शिकायतों को देखते हुए तकनीक आधारित निगरानी प्रणाली को प्रभावी ढंग से लागू करने का निर्णय लिया गया। निर्धारित समय पर कार्यालय नहीं पहुंचने वाले कर्मचारियों के खिलाफ प्रशासनिक कार्रवाई की जा सकती है। देर से आने की स्थिति में अवकाश समायोजन या वेतन कटौती जैसे कदम भी उठाए जा सकेंगे। सरकार ने स्पष्ट किया है कि कर्मचारियों का वेतन भुगतान बायोमेट्रिक उपस्थिति के रिकॉर्ड के आधार पर किया जाएगा।

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