1. Hindi News
  2. पंजाब
  3. पंजाब के विधायकों के टेलीफोन भत्ते पर उठे सवाल, हाईकोर्ट के वकील ने सरकार को लिखा पत्र

पंजाब के विधायकों के टेलीफोन भत्ते पर उठे सवाल, हाईकोर्ट के वकील ने सरकार को लिखा पत्र

हाईकोर्ट के एक वकील ने पंजाब सरकार को पत्र लिखकर विधायकों के टेलीफोन भत्ते पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से प्रति वर्ष 2 करोड़ से अधिक रुपया खर्च हो रहा है, जिसकी अब जरुरत नहीं है।

एडवोकेट सतिंदर सिंह सवि काठपाल- India TV Hindi
Image Source : REPORTER एडवोकेट सतिंदर सिंह सवि काठपाल

पंजाब के विधायकों को मिलने वाले प्रति महीना टेलीफोन भत्ते को लेकर हाईकोर्ट के वकील ने सवाल खड़े किए हैं। फाजिल्का से पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट के एडवोकेट सतिंदर सिंह सवि काठपाल का कहना है कि प्रति महीना पंजाब के 117 विधायकों को साढ़े 17 लाख से अधिक का टेलीफोन भत्ता दिया जा रहा है। जिसकी आज के समय में जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि बहुत ही कम कीमतों पर मोबाइल खर्च हो रहे है। ऐसे में साल का करोड़ों रुपया व्यर्थ जा रहा है। जिसकी समीक्षा के लिए उन्होंने सरकार को पत्र लिखा है। 

एडवोकेट ने सरकार के सामने रखी मांग

जानकारी देते हुए एडवोकेट सतिंदर सिंह सवि ने बताया कि उन्होंने पंजाब सरकार और पंजाब विधानसभा के समक्ष मांग रखी है। जिसके लिए पंजाब सरकार को लिखित में भेजा गया हैं। एडवोकेट सवि कठपाल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में मोबाइल और टेलीफोन सेवाओं की दरों के साथ-साथ इनके इस्तेमाल के तरीके में भी काफी बदलाव आया है। ऐसे में विधायकों को मिलने वाले फिक्स्ड Telephone Allowance की मौजूदा दर को वास्तविक खर्च और वर्तमान सेवा दरों के आधार पर दोबारा देखा जाना उचित होगा। 

दो करोड़ हर साल हो रहा खर्च

उन्होंने सुझाव दिया कि यदि नीति के अनुसार संभव हो तो फिक्स्ड अलाउंस की बजाय वास्तविक टेलीफोन/मोबाइल बिलों के आधार पर भुगतान (Reimbursement System) लागू करने पर विचार किया जाना चाहिए। इससे सरकारी खर्च में पारदर्शिता और जवाबदेही को और मजबूत किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि हर महीने 15000 प्रति विधायक के हिसाब से साढ़े 17 लाख से अधिक रुपया इस खर्च में दिया जा रहा है । जिसपर समीक्षा कर इसे कम कर करीब साल का 2 करोड़ रुपया बचाया जा सकता है । जिसे सरकार कहीं और खर्च सकती है । उन्होंने कहा कि एक तरफ कर्मचारी DA को लेकर संघर्ष कर है और दूसरी और ऐसे में सरकारी पैसा व्यर्थ जा रहा है।  उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी यह मांग किसी विधायक या राजनीतिक पार्टी के खिलाफ नहीं है, बल्कि जनता के पैसे की मितव्ययी और उचित उपयोग से जुड़ी हुई है। 

रिपोर्टः सुनील नागपाल

ये भी पढ़ेंः "काम के घंटों के दौरान दफ्तर से गायब न रहें", कर्मचारियों को लेकर पंजाब सरकार की सख्त चेतावनी

पंजाब से बड़ी खबर, सरकारी कर्मचारियों ने खत्म की हड़ताल, DA समेत कई मांगों को लेकर सरकार के साथ बनी सहमति