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'आम आदमी क्लीनिक' पर लोगों का बढ़ता जा रहा है भरोसा, मरीजों में महिलाओं की तादाद ज्यादा

पंजाब में मान सरकार के नेतृत्व में 'आम आदमी क्लीनिक योजना' की शुरुआत की गई, जो राज्य के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। इनमें अब तक 2.58 करोड़ मरीजों का इलाज हो चुका है।

'आम आदमी क्लीनिक' योजना- India TV Hindi
'आम आदमी क्लीनिक' योजना

पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार ने वो पहल की, जो पिछली सरकारें नहीं कर पाईं। पंजाब में 'आप' सरकार ने साल 2022 में 'आम आदमी क्लीनिक योजना' की शुरुआत की, जो राज्य के लोगों के लिए वरदान साबित हो रहे हैं। मुख्यमंत्री का उद्देश्य है कि राज्य के लोगों को उनके घरों से 3-4 किलोमीटर की दूरी पर मुफ्त स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध हों। इसे लेकर राज्य में अभी तक 881 'आम आदमी क्लीनिक' खोले गए हैं, जिनमें अब तक 2.58 करोड़ मरीजों का इलाज हो चुका है।

लोगों को अच्छे इलाज का भरोसा

इतनी बड़ी आबादी का 'आम आदमी क्लीनिक' में आना उसकी विश्वसनीयता को दर्शाता है। 2.58 करोड़ मरीजों में से 1.08 करोड़ यूनिक मरीज हैं। यानी आधे से ज्यादा वो मरीज हैं, जिन्होंने फिर से क्लीनिक का रुख किया। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कहते हैं कि यही असली पूंजी है, जब लोगों में विश्वास पैदा होता है, तो वह बार-बार आते हैं। लोगों को विश्वास है कि आम आदमी क्लीनिक में उन्हें अच्छा इलाज मिलेगा, इसलिए वह बार-बार इलाज करवाने के लिए आ रहे हैं। इस योजना की अच्छी बात ये है कि इनमें 55 फीसदी महिलाएं इलाज के लिए 'आम आदमी क्लीनिक' का रुख कर रही हैं। यानी यहां इलाज करवाने वालों में महिलाओं की तादाद पुरुषों के मुकाबले अधिक है।

गांव में ज्यादा खोले गए क्लीनिक

आम आदमी क्लीनिक खोलते हुए पंजाब सरकार ने इस बात का भी पूरी तरह से ध्यान रखा है कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को ज्यादा विकसित किया जाए। ऐसे में 881 आम आदमी क्लीनिक में से 565 ग्रामीण क्षेत्रों में, जबकि 316 शहरी क्षेत्रों में खोले गए हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार का मानना है कि शहरों में लोगों के पास प्राइवेट से लेकर बड़े सरकारी अस्पतालों की सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसा नहीं है।

पहले शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था

पंजाब में 62-65 फीसदी आबादी गांव में बसती है और ग्रामीणों को बेहतर इलाज के लिए शहरों पर निर्भर रहना पड़ता था। इससे आने-जाने की परेशानी के अलावा पैसा भी एक चिंता का विषय था। खासकर, बुजुर्गों को इलाज के लिए गांव से शहर ले जाने में परेशानी और बढ़ जाती थी। इसे ध्यान में रखते हुए भगवंत मान की सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर ज्यादा ध्यान दिया और गांवों में अधिक 'आम आदमी क्लीनिक' खोले। 'आम आदमी क्लीनिक' में 80 प्रकार की मुफ्त दवाएं और 38 प्रकार के टेस्ट मुफ्त में उपलब्ध हैं, जिनमें शुगर और अन्य ब्लड टेस्ट मुफ्त हैं।

Disclaimer:  यह एक पेड फीचर आर्टिकल है। इंडिया टीवी इसमें बताए गए विचारों का समर्थन नहीं करता है और आर्टिकल में कही गई राय, विचारों, घोषणाओं के लिए किसी भी तरह से जिम्मेदार या उत्तरदायी नहीं होगा। पाठकों को स्व-विवेक के प्रयोग की सलाह दी जाती है।