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पंजाब के 50 वार्ड के चुनाव रद्द, 2024 के निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने और पर्चा फाड़ने के मामले पर SC का बड़ा फैसला

दिसंबर 2024 के पटियाला और मोगा के निकाय चुनाव में उम्मीदवारों को नामांकन से रोकने और पर्चा फाड़ने के मामले पर सुप्रीम कोर्ट ने बड़ा फैसला दिया है। SC ने पटियाला के 28 वार्ड और मोगा के 22 वार्ड में हुए चुनाव को रद्द कर दिया है।

Punjab local body elections- India TV Hindi
Image Source : PTI (फाइल फोटो) सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब के 50 वार्डों में हुए चुनाव रद्द किए।

सुप्रीम कोर्ट ने स्थानीय निकाय चुनावों में नॉमिनेशन की प्रक्रिया के दौरान 'बड़े स्तर पर बाधा डाले जाने' को लेकर आयोग की रिपोर्ट के बाद पंजाब के 50 नगर निकाय वार्ड में हुए चुनाव को रद्द कर दिया है। साथ ही, नए सिरे से चुनाव कराने का ऑर्डर भी दिया है। सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की बेंच ने पटियाला जिले के 28 और मोगा के 22 वार्ड में हुए इलेक्शन को रद्द कर दिया है।

21 दिसंबर 2024 को हुआ था स्थानीय निकाय चुनाव

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट की पूर्व जस्टिस निर्मलजीत कौर की अध्यक्षता वाले एक सदस्यीय आयोग के निष्कर्षों को स्वीकार करते हुए यह ऑर्डर दिया है। ये लोकल बॉडी इलेक्शन 21 दिसंबर 2024 को हुए थे। इस कमीशन का गठन 24 मार्च 2025 को हुआ था और उसने 18 नवंबर 2025 को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

पर्चा दाखिला के वक्त छीन लिए गए थे उम्मीदवारों के नॉमिनेशन पेपर

बेंच ने 28 सितंबर के अपने ऑर्डर में कहा, 'आयोग इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि नॉमिनेशन की प्रक्रिया के दौरान बड़े पैमाने पर बाधा डाली गई, जिसमें नामांकन पत्र को छीना गया, फाड़े गए या उन्हें नष्ट कर दिया गया और उम्मीदवारों पर हमला भी किया गया, उन्हें हिरासत में लिया गया या धमकाया गया।'

50 वार्डों में फिर से चुनाव कराने का आदेश

बेंच ने कहा, 'हम आयोग की सिफारिशों को स्वीकार करते हैं और संबंधित 50 वार्ड में नए सिरे से चुनाव कराने का निर्देश देते हैं। नए चुनाव की प्रक्रिया 6 हफ्ते में पूरी की जाए।' यह आदेश बीते बुधवार की रात को अपलोड किया गया।

हाईकोर्ट बार के कम से कम 2-3 सदस्यों को बनाया जाए पर्यवेक्षक

सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब सरकार की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट कपिल सिब्बल के उस स्टेटमेंट का जिक्र किया कि पंजाब सरकार को आयोग की सिफारिशों पर कोई आपत्ति नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस से कहा कि वह दोबारा चुनाव की प्रक्रिया के लिए हाईकोर्ट बार के कम से कम दो या तीन वरिष्ठ सदस्यों को पर्यवेक्षक के रूप में नियुक्त करें।

पर्चा दाखिला से वोटिंग तक की होगी वीडियो रिकॉर्डिंग

बेंच ने ये भी कहा, 'नॉमिनेशन पेपर दाखिल करने, उनकी जांच, चुनाव चिह्न आवंटित करने, वोटिंग आदि की प्रक्रिया की इन पर्यवेक्षकों की मौजूदगी में वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। रिकॉर्डिंग को उचित तरीके से सुरक्षित रखा जाएगा और निगरानी समिति को भी उसे सौंपा जाएगा।' इससे पहले, हाल ही में सुप्रीम कोर्ट चुनावी घोषणापत्र के वादों पर राजनीतिक दलों की जवाबदेही तय करने की मांग वाली याचिका पर सुनवाई के लिए तैयार हुआ था।

(इनपुट- भाषा)

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