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पंजाब सरकार ने शुक्रवार को बुलाई किसान संगठनों की महत्वपूर्ण बैठक, कृषि मंत्री मीटिंग में रहेंगे मौजूद

शंभू और खनौरी बॉर्डर पर धरना स्थल खाली कराने के बाद सरकार ने किसानों के साथ बैठक बुलाई है।

सरकार ने बुलाई किसान संगठनों की बैठक - India TV Hindi
Image Source : PTI सरकार ने बुलाई किसान संगठनों की बैठक

चंडीगढ़ः शंभू और खनौरी बॉर्डर से धरना स्थल खाली कराने के बाद पंजाब सरकार ने किसान संगठनों के साथ महत्वपूर्ण बैठक बुलाई है। एसकेएम पंजाब और भारतीय किसान यूनियन उग्राहा जत्थेबंदियों के साथ बैठक होगी। पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडिया मीटिंग में मौजूद रहेंगे। यह बैठक शुक्रवार शाम 4 बजे पंजाब भवन में होगी।

शंभू-अंबाला राजमार्ग पर आवाजाही शुरू

पंजाब पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारी किसानों को हिरासत में लेने और विरोध स्थल पर उनकी ओर से बनाए गए अस्थायी ढांचों को ध्वस्त करने के एक दिन बाद बृहस्पतिवार को शंभू-अंबाला राजमार्ग पर यातायात एक साल से अधिक समय बाद फिर शुरू हो गया। वहीं हरियाणा पुलिस द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने के साथ खनौरी बॉर्डर से भी आवाजाही शुरू होने वाली है। 

किसानों ने किया विरोध प्रदर्शन

पुलिस प्रशसन द्वारा सड़क पर से अवरोधक हटाने का काम जारी रहा, जबकि नाराज किसानों ने प्रदर्शनकारियों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ मोगा, तरनतारन, मुक्तसर और फरीदकोट सहित पंजाब में कई स्थानों पर प्रदर्शन किया। मोगा में जिला उपायुक्त कार्यालय के बाहर प्रदर्शन करने जा रहे किसानों की पुलिसकर्मियों के साथ झड़प भी हुई। प्रदर्शनकारियों में महिलाएं भी शामिल थीं। 

अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे किसान

किसान फसलों के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने की कानूनी गांरटी सहित विभिन्न मुद्दों को लेकर पिछले साल दिल्ली कूच कर रहे थे लेकिन शंभू और खनौरी चौकियों पर रोकने के बाद से वे पिछले साल 13 फरवरी से वहीं डेरा डाले हुए थे। किसानों ने प्रदर्शनकारियों को समायोजित करने और अपने आंदोलन को जारी रखने के लिए राजमार्ग पर अस्थायी संरचनाएं बना ली थीं। हरियाणा के सुरक्षा अधिकारियों ने पंजाब से लगी सीमा पर सीमेंट के ब्लॉक, लोहे की कीलें और कंटीले तारों की मदद से अवरोधक लगाए थे ताकि ‘दिल्ली चलो’ कार्यक्रम के तहत पंजाब से किसानों के राजधानी की ओर बढ़ने के हर प्रयास को विफल किया जा सके। 

(भाषा इनपुट के साथ)